गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑडिटोरियम (प्रेक्षागृह) के 7.63 करोड़ रुपये के जिर्णोद्धार/रेनोवेशन कार्य में भारी अनियमितता के आरोप लगे हैं।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक इस बड़े बजट के कार्य में ब्रांडेड कुर्सियों की जगह ठेकेदार द्वारा लोकल कंपनी की कुर्सियां लगवा दी गईं, जिसमें कॉलेज प्रशासन की मिलीभगत का भी संदेह जताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को सामने आए तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की गई है। इससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार और बजट घोटाले की आशंका और गहरा गई है।
मुख्य आरोप: करोड़ों की लागत के बावजूद घटिया और लोकल सामग्री का उपयोग, ठेकेदार और कॉलेज प्रशासन के बीच मिलीभगत का शक, तीन महीने बाद भी कार्रवाई का कोई पता नहीं।
प्रमुख मांगें: मामले की उच्चस्तरीय जांच कर ठेकेदार व कार्यदायी संस्था पर एफआईआर दर्ज करके लापरवाही और मिलीभगत में शामिल मेडिकल कॉलेज अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई हो।
ऑडिटोरियम में लगे सभी लोकल सामान को हटाकर निर्धारित ब्रांडेड सामग्री लगाई जाए तथा दोषी ठेकेदार को भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाए। डीपीआर के अनुसार सभी कार्य और सामग्री की पुनः जांच कर मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए


