गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में संचालित डिप्लोमा इन रेडियोथैरेपी कोर्स को लेकर छात्र-छात्राओं का गुस्सा खुलकर सामने आया है।
छात्रों ने आरोप लगाया है कि कोर्स का AERB (Atomic Energy Regulatory Board) में पंजीकरण न होने के कारण पासआउट होने के बाद भी वे नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार कॉलेज प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल राम कुमार जायसवाल, विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार रावत एवं पैरामेडिकल विभाग के डीन पवन प्रधान को भी इस संबंध में जानकारी दी गई, बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है।
कोर्स के भविष्य को लेकर छात्र-छात्राओं में भारी नाराजगी और निराशा देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत और पढ़ाई के बाद भी यदि नौकरी के लिए आवेदन का अवसर नहीं मिलेगा, तो उनका भविष्य अंधकार में चला जाएगा।
छात्रों ने शासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द कोर्स का AERB में पंजीकरण कराया जाए, ताकि उनके भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सके।
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


