अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा एवं भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में नगर निगम पार्क में एकत्रित होकर डीएम कार्यालय तक मार्च निकालकर राष्ट्रपति को डीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है।
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राज्य सचिव राजेश साहनी ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर, किसान और गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर में जनता सड़क पर उतर रही है।
मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है, मजदूरों को रोजगार और सम्मानजनक मजदूरी नहीं मिल रही है तथा महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।
उन्होंने मांग किया कि मनरेगा में 200 दिन काम और ₹600 दैनिक मजदूरी की गारंटी दी जाए, गैस, बिजली और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाई जाए तथा गरीबों के आवास और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
भाजपा सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला कर रही है, जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं भाकपा-माले जिला सचिव राकेश सिंह ने कहा कि देश में संविधान और लोकतंत्र पर लगातार हमला बढ़ रहा है।
मजदूरों, किसानों, छात्रों और नौजवानों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। स्मार्ट मीटर योजना, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई से आम जनता त्रस्त है।
भाकपा-माले जनता के सवालों को लेकर संघर्ष तेज करेगी और गरीबों, मजदूरों तथा किसानों के अधिकारों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
सभा का संचालन अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के जिला सचिव विनोद भारद्वाज ने किया तथा अध्यक्षता अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के जिला अध्यक्ष श्याम चरण ने किया।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से बजरंगी निषाद, विजय कुमार भारतीय, गोविंद चौहान, मनोज निषाद, डा सुभाष चन्द्र गुप्ता, सुभाष गुप्ता, नन्दू प्रसाद, दीनदयाल यादव,
पुष्पा चौहान, सुग्रीव निषाद, सुदामा भारती, रेनू, राम किशोर वर्मा, सुभाष चन्द्र एवं राम सहाई सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


