गोरखपुर: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद गोरखपुर की जरूरी बैठक परिषद के मुख्य कार्यालय बंटी लॉन तारामंडल पर आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता परिषद अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव एवं संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया। बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर चर्चा करते हुए
सीएम योगी से मांग किया गया कि आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने तक 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज किया जाए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके।
परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व में भी ऐसी व्यवस्था रही है कि महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन में समाहित कर दिया जाता था।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग का गठन तो कर दिया गया है, लेकिन उसकी रिपोर्ट आने में अभी समय लग सकता है, इसलिए कर्मचारी हित में राज्य सरकार को यह निर्णय शीघ्र लेना चाहिए।
महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि कोरोना काल में निलंबित किए गए सभी भत्तों को पुनः बहाल किया जाए तथा कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच बनी सहमति के अनुरूप लंबित मांगों को पूरा किया जाए।
संरक्षक अशोक पांडे एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना में व्याप्त खामियों को दूर करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके परिजनों को प्राइवेट वार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा गंभीर बीमारियों में 5 लाख रुपये तक इलाज की सीमा समाप्त कर बीमारी पूर्ण रूप से ठीक होने तक समस्त उपचार व्यय सरकार द्वारा वहन किया जाए।


