उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों में अपनी लंबित मांगों को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्रा के निर्देश पर शुक्रवार को दोपहर 12 बजे क्षेत्रीय कार्यशाला, राप्ती नगर गोरखपुर में गेट मीटिंग, आम सभा और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा उपाध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने किया जबकि संचालन प्रांतीय प्रतिनिधि अजय कुमार ने किया। सभा में कार्यशाला और टायर शॉप शाखा के सभी कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मांगें पूरी न होने से भड़का आक्रोश:
सभा को संबोधित करते हुए अजय कुमार ने बताया कि 15 मार्च, 2026 को परिषद की ओर से परिवहन विभाग और निगम प्रबंधन को मांग पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है और वे आंदोलन के लिए मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही 18 अप्रैल को भी इसी तरह गेट मीटिंग और जनजागरण कार्यक्रम जारी रखने की घोषणा की गई।
निगम के अस्तित्व पर संकट का आरोप:
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि शासन और निगम प्रबंधन द्वारा ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे परिवहन निगम और कर्मचारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। कर्मचारियों ने निगम को बचाने के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
प्रमुख मांगें क्या हैं?:
-राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अवैध बस संचालन पर रोक
-निजी बसों की समानांतर संचालन व्यवस्था खत्म करने की मांग
-संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण
-महंगाई भत्ता (DA) का भुगतान और एरियर जारी करना
-आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि
-कार्यशालाओं का आधुनिकीकरण और ठेका प्रणाली समाप्त करना
-चालकों-परिचालकों के भत्तों में बढ़ोतरी
-एक्सप्रेसवे और हाईवे को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित करना
इस गेट मीटिंग में संत शरण सिंह, शशिकांत, अनुपमा राव, दुर्गविजय, अशोक बघेल, सत्येंद्र गुप्ता, बलवंत पासवान, लीलावती देवी, कमला देवी, अर्चना देवी, गोल्डी सिंह, रीमा चौहान, प्रिया पटवा, प्रीति भारती, फातिमा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।


