ये आपको “महिला आयोग” का अध्यक्ष बना भी सकता है और “अयोग्य महिला” भी साबित कर सकता है।
ज्योतिष और ज्योतिषाचार्य के भरोसे सबकुछ पाने की लालसा ठीक नहीं है।
अच्छे कर्म किए बिना अच्छे परिणाम की उम्मीद बिल्कुल नहीं पालनी चाहिए। अतः आचार्य का चयन सावधानी पूर्वक करें।
सद्कर्म के बिना ज्योतिष और ज्योतिषाचार्य के भरोसे सबकुछ पाने की लालसा में आपका सबकुछ खत्म हो सकता है।
दूसरों की “जन्म कुंडली” देखकर उनका भविष्य बताने वाला जब अपनी कुंडली में लिखे जेल योग, बदनामी योग और बर्बादी योग का पन्ना नहीं पढ़ पाया तो आप कैसे यक़ीन कर सकते हैं कि वो आपका भविष्य बता सकता है।
कुंडली देखकर भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण करने वाले एक धूर्त ने तमाम जिंदगियों को बर्बाद कर दिया। जिंदगी में “प्रेम रस” घोलने की उम्मीद लिए यहां आने वालों के जीवन में “जहर” घुल गया।
ग़लत कार्य करने वाला जब फंसता है तो अपने साथ दूसरों की जिंदगी भी तबाह कर देता है। “हम तो डूबे हैं सनम तुमको भी ले डूबेंगे”
@ गंवार महेंद्र….


