जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को मुखरता के साथ उठाकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित ढेरों जिम्मेदारों को
पत्रों के माध्यम से अवगत कराने वाले पर्यावरणविद्, समाजविद पूर्वांचल गांधी डॉक्टर संपूर्णानंद मल्ल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को
पत्र लिख कर मांग किया है कि किसानों, मजदूरों के श्रम’ पर पलने वाले विधायिका कार्यपालिका के सदस्यों को जो सुविधायें नि:शुल्क मिली हैं,.
वहीं 145 करोड़ लोगों को भी समान रूप से चाहिए क्योंकि ‘समानता’ हमारा मौलिक अधिकार है.
जीवन एवं जीवन की जरूरतों जैसे आटा, चावल, दाल, तेल, चीनी, दूध, दही, दवा, हवा, पानी, शिक्षा, चिकित्सा, रेल पर GST समाप्त किया जाए.
देश में रहने वाले सभी गरीब, अमीर सबके लिए नि:शुल्क एक विद्यालय, एक चिकित्सालय, एक रेल दो.
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूर्वांचल गांधी ने कहा कि आज विधायिका, कार्यपालिका पर चोर, लुटेरे,
व्यभिचारी, बलात्कारी अपराधियों का कब्जा तोड़ने के लिए विधायिका कार्यपालिका की सदस्यता ‘एक बार’ करने की जरूरत है.
यदि मेरी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाली तारीख 17 सितंबर, २०२५ को गांधी, अंबेडकर प्रतिमा जीपीओ लखनऊ मेँ सत्याग्रह करूंगा.
सत्य अहिंसा की पूरी ताकत से इस क्रूर, लुटेरी व्यवस्था का पतन करने के लिए वचनबद्ध हूँ.
इन्होंने अपने पत्र की कॉपी उच्चतम न्यायालय, प्रधानमंत्री, गवर्नर उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, गोरखपुर सदर सांसद को भी प्रेषित किया है.


