उत्तर प्रदेश के Gorakhpur स्थित AIIMS Gorakhpur में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। ओपीडी में लगी लंबी लाइन का वीडियो बना रहे युवक के साथ गार्डों द्वारा मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाया गया है।
लाइन का वीडियो बनाना पड़ा भारी
पीड़ित वीरेंद्र, जो कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र के निवासी हैं, अपने बुजुर्ग पिता के इलाज के लिए एम्स पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन लगी थी। इसी को रिकॉर्ड करने के लिए उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया ताकि गांव में दिखा सकें कि यहां इलाज के लिए कितनी भीड़ रहती है।
गार्डों पर गाली और धक्का देने का आरोप
वीरेंद्र के अनुसार, वीडियो बनाते समय एक गार्ड ने पहले गाली दी और फिर पैर से धक्का मार दिया।
इसके बाद चार-पांच गार्ड मौके पर पहुंचे और उन्हें पकड़कर अंदर ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई।
मोबाइल छीनने और धमकाने का आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि गार्डों ने उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया और कहा कि
“यहां वीडियो बनाने का अधिकार सिर्फ उनके पास है।”
इसी तरह एक अन्य युवक के साथ भी मारपीट की बात सामने आई है,
जबकि एक युवक किसी तरह बचकर भाग निकला।
पहले भी हो चुकी हैं कई शिकायतें
बताया जा रहा है कि गार्डों की मारपीट और बदसलूकी को लेकर
15 से अधिक लोग पहले ही पुलिस में शिकायत कर चुके हैं।
इसके बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
पुलिस ने मांगी जानकारी, प्रशासन खामोश
पुलिस ने एम्स प्रशासन से गार्डों के बारे में जानकारी मांगी है और नोटिस भी भेजा है,
लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन गार्डों को बचाने की कोशिश कर रहा है।
बढ़ते सवाल
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के साथ व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जहां लोग बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।
गोरखपुर एम्स में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सुधार की जरूरत की ओर इशारा करती हैं।
अब यह देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।


