मिली जानकारी के मुताबिक विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश सर्राफा व्यापार संगठन के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
के आदेश अनुसार महर्षि वाल्मीकि के जन्म उत्सव पर कामिनी देवी हनुमान मंदिर आर्य नगर पर रामचरितमानस का पाठ व हवन यज्ञ का आयोजन किया गया.
इस मौके पर विश्व हिंदू महासंघ के जिला प्रभारी उत्तर प्रदेश सर्राफा व्यापार संगठन के अध्यक्ष राधाकांत वर्मा ने कहा कि
आज का यह अवसर पूरे भारत ही नहीं बल्कि विश्व में हिंदू और सनातन धर्म का प्रचार प्रसार भारत के तेजस्वी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारत को विश्व गुरु का दर्जा दिलाने में लगे हुए हैं.
वर्मा ने कहा कि रामचरितमानस ग्रंथ सबसे पहले भगवान शिव ने लिखा था जो मां पार्वती को सुनाया करते थे.
त्रेता युग में वाल्मीकि जी जिनका नाम पहले रत्नाकर डाकू के नाम से जाना जाता था, एक बार नारद मुनि जंगल में विचरण कर रहे थे तभी वाल्मीकि से भेंट हो गया.
वाल्मीकि जी अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए राहगीरों को लूटना ही एक धर्म था. बताया जाता है कि भगवान नारद से मिलने के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई.
उन्होंने मरा-मरा कहते हुए भगवान राम के चरित्र का वर्णन संस्कृत में सबसे पहले कर दिया. आज वही श्री रामचरितमानस वाल्मीकि कृत के नाम से पूरे दुनिया में प्रसिद्ध है.
इस कार्यक्रम में उपस्थित कामिनी देवी के महंत राजन दास, महाराज लीला देवी के महंत नागेंद्र नाथ,विजय अग्रहरी,
रंजीत कुशवाहा, शैतान प्रकाश, ब्रजमोहन, नितेश शर्मा, राजेश श्रीवास्तव समेत अन्य भक्त महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित थे.


