प्रयागराज में LPG संकट: घरों के चूल्हे तक पहुंचा पश्चिम एशिया युद्ध का असर
प्रयागराज में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत गहरा गई है। ईरान में छिड़े युद्ध के कारण ग्लोबल स्तर पर गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे भारत में भी LPG के दाम बढ़ गए हैं और सप्लाई चेन बाधित हो गई है। उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर बुक करने में भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ऑनलाइन बुकिंग ठप, एजेंसियों पर सर्वर डाउन की समस्या
लोगों को सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग में लगातार दिक्कत आ रही है। कई उपभोक्ता IVRS या ऐप के जरिए बुकिंग करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम काम नहीं कर रहा। गैस एजेंसियों के कार्यालयों से सर्वर न चलने की समस्या बताई जा रही है। उपभोक्ता बार-बार एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जिन्होंने 7 मार्च (दाम बढ़ने की तारीख) से एक-दो दिन पहले बुकिंग करवाई थी, उन्हें बढ़े हुए दाम का संशोधित बिल मोबाइल पर मिल गया, लेकिन डिलीवरी में देरी हो रही है।
कमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटल-रेस्टोरेंट पर संकट
कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शहर में कई जगहों पर खाने-पीने की दुकानें सीमित मेन्यू चला रही हैं या बंद होने की कगार पर हैं। शादियों या अन्य कार्यक्रमों वाले घरों में भी सिलेंडर की तलाश में परेशानी हो रही है। होटल संचालक और रेस्टोरेंट ओनर लगातार एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन सप्लाई नहीं हो पा रही।
ईरान युद्ध के कारण गैस दाम में उछाल और सप्लाई प्रभावित
पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध का असर अब भारत के घरों तक पहुंच चुका है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रूट प्रभावित होने से LPG आयात बाधित हुआ है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है, और अधिकांश सप्लाई मिडिल ईस्ट से आती है। नतीजतन, 7 मार्च से घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर के दाम में ₹60 की बढ़ोतरी हुई, जबकि कमर्शियल 19 किलो सिलेंडर ₹115 महंगा हो गया। इससे पैनिक बुकिंग बढ़ी और स्थिति और बिगड़ गई।
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल सप्लाई पर रोक लगाई है और बुकिंग के बीच
न्यूनतम अंतर 25 दिनों का कर दिया है। तेल कंपनियों को घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी और सलाह
प्रयागराज के कई इलाकों में उपभोक्ता लंबी कतारों में लगे हैं।
जिनके पास पहले से स्टॉक है, वे भी चिंतित हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट अस्थायी है, लेकिन फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है। उपभोक्ताओं को
अनावश्यक बुकिंग से बचना चाहिए और सरकारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
यह संकट न केवल प्रयागराज बल्कि उत्तर प्रदेश के कई शहरों जैसे लखनऊ, वाराणसी,
कानपुर में भी देखा जा रहा है। सरकार की ओर से रिफाइनरियों को
पूर्ण क्षमता से उत्पादन बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं, जिससे जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।


