देश में रसोई गैस (LPG) को लेकर दो महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जो लाखों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीधे प्रभावित करेंगे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इजरायल संघर्ष की आहट के बीच गैस की आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने सख्त कदम उठाए हैं। अब ग्राहक अगला सिलेंडर बुक करने के लिए 21 से 25 दिन का इंतजार करेंगे, जबकि घरेलू और वाणिज्यिक सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है।
बुकिंग नियम में सख्ती: 21-25 दिन का लॉक-इन पीरियड
पहले घरेलू उपभोक्ता जरूरत पड़ने पर जल्दी बुकिंग कर लेते थे, लेकिन अब कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने न्यूनतम अंतराल तय कर दिया है। विभिन्न राज्यों में यह नियम 21 दिन से शुरू होकर 25 दिन तक लागू हो रहा है। उदाहरण के लिए, कुछ इलाकों जैसे कोलकाता, तेलंगाना और अन्य में पैनिक बुकिंग रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अलीगढ़ जिले सहित कई क्षेत्रों में यह बदलाव लागू हो चुका है। कंपनियां कह रही हैं कि मध्य पूर्व संकट के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे पैनिक खरीदारी बढ़ गई। इससे कृत्रिम कमी पैदा होने का खतरा था। नए नियम से आपूर्ति को संतुलित रखा जा सकेगा। सिंगल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए 21 दिन और डबल सिलेंडर वाले के लिए 30 दिन तक का अंतराल कुछ जगहों पर देखा जा रहा है।
यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि पहले से प्लानिंग करें और अनावश्यक स्टॉक न जमा करें।
कीमतों में बढ़ोतरी: घरेलू ₹60 और वाणिज्यिक ₹115 महंगा
7 मार्च 2026 से घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ गई है। दिल्ली में अब यह ₹913, मुंबई में ₹912.50, कोलकाता में ₹939 और चेन्नई में ₹928.50 हो गई है। यह बढ़ोतरी पिछले एक साल में दूसरी बड़ी वृद्धि है (पिछली अप्रैल 2025 में ₹50 बढ़ी थी)।
वहीं, व्यावसायिक 19 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹115 की बढ़ोतरी हुई है।
दिल्ली में अब ₹1883, मुंबई में ₹1835 हो गया है।
होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
जनवरी 2026 से अब तक कमर्शियल सिलेंडर पर कुल ₹275+ की बढ़ोतरी हो चुकी है।
क्यों हुए ये बदलाव? मध्य पूर्व संकट की वजह
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के खतरे से ग्लोबल एनर्जी मार्केट प्रभावित है। भारत ने इमरजेंसी
पावर इस्तेमाल कर रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के आदेश दिए हैं।
प्रोपेन और ब्यूटेन को LPG के लिए डायवर्ट किया जा रहा है।
देश में 33 करोड़ से ज्यादा एक्टिव LPG कनेक्शन हैं, और
मासिक बुकिंग 5-6 करोड़ तक पहुंच रही है। पैनिक से बचाने के लिए ये कदम जरूरी हो गए।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
- समय पर बुकिंग करें, लेकिन पैनिक न करें।
- इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस ऐप/हेल्पलाइन से स्टेटस चेक करें।
- सब्सिडी वाले कनेक्शन पर DBT स्कीम जारी है, कीमतें मार्केट रेट पर हैं।
- व्यावसायिक यूजर्स लागत बढ़ने से बचने के लिए अल्टरनेटिव एनर्जी सोर्स देखें।
ये बदलाव आम आदमी की जेब पर असर डालेंगे, लेकिन आपूर्ति स्थिर रखने के लिए जरूरी हैं।
स्थिति सामान्य होने पर नियमों में ढील मिल सकती है। अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट्स चेक करें।


