ईरान पर हुए हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर खाड़ी देशों (गल्फ कंट्रीज) के साथ भारत की कनेक्टिविटी पर गहरा असर पड़ा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमौसी एयरपोर्ट) से खाड़ी देशों की उड़ानें पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई हैं।
बृहस्पतिवार को अमौसी एयरपोर्ट से दुबई, अबुधाबी, दम्माम आदि गंतव्यों के लिए कुल 8 उड़ानें निरस्त कर दी गईं। इससे 450 से अधिक यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ीं। इनमें से ज्यादातर यात्रियों ने टिकट रद्द करा लिए, जिसके बाद एयरलाइंस ने कुल सवा दो लाख रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया। कई एयरलाइंस ने हालात सामान्य होने के बाद नई टिकट जारी करने या री-बुकिंग की सुविधा देने की बात कही है।
ईरान युद्ध का हवाई सेवाओं पर सीधा असर
ईरान और इजरायल (साथ ही अमेरिका) के बीच चल रहे संघर्ष में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद ईरान और दुबई सहित कई खाड़ी देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इस वजह से लखनऊ से खाड़ी देशों की उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं। शुरुआत में लगभग 17 उड़ानें निरस्त की गई थीं, जो अब घटकर 8 रह गई हैं, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है।
अमौसी एयरपोर्ट से मुख्य रूप से इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस खाड़ी रूट्स पर ऑपरेट करती हैं। इनमें दुबई, अबुधाबी, शारजाह, दम्माम, मस्कट आदि प्रमुख गंतव्य शामिल हैं। एयरस्पेस बंद होने से विमानों को वैकल्पिक रूट लेना पड़ रहा है, जो समय और ईंधन दोनों में महंगा साबित हो रहा है। कई मामलों में उड़ानें पूरी तरह रद्द करनी पड़ रही हैं।
यात्रियों पर क्या असर पड़ा?
इस संकट से हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। लखनऊ से खाड़ी देशों में काम करने वाले या वहां रहने वाले
लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। कई यात्री खाड़ी में फंसे हुए हैं और
वापसी की उड़ान नहीं मिल रही। एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें लगीं,
जहां वे रिफंड, री-शेड्यूलिंग या वैकल्पिक फ्लाइट्स की जानकारी ले रहे थे।
एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे फ्लाइट स्टेटस चेक करें और एयरपोर्ट आने से
पहले एयरलाइन से संपर्क करें। कुछ एयरलाइंस ने फ्लेक्सिबल री-बुकिंग
पॉलिसी लागू की है, लेकिन नई बुकिंग पर किराए में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
क्या है आगे की स्थिति?
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन पूरी बहाली में
अभी समय लग सकता है। शुक्रवार को कुछ उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
यात्रियों को सलाह है कि वे DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) की
एडवाइजरी फॉलो करें और न्यूज अपडेट्स पर नजर रखें।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि भू-राजनीतिक तनाव कैसे आम यात्रियों की जिंदगी प्रभावित कर सकता है।
लखनऊ जैसे शहरों से खाड़ी रूट्स पर निर्भर लाखों लोग इस संकट से जूझ रहे हैं।
उम्मीद है कि जल्द ही शांति बहाल हो और हवाई सेवाएं पटरी पर लौटें।


