यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, हालांकि मुख्य रूप से चंद्रमा के उदय के समय अंतिम चरण में। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, जहां पहले से केतु मौजूद है, जिससे चंद्रमा-केतु की युति और ग्रहण योग बन रहा है। इससे 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ सकता है—कुछ को खुशखबरी मिलेगी, तो कुछ में तनाव बढ़ सकता
चंद्र ग्रहण 2026: समय और दृश्यता
भारत में चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। ग्रहण का कुल समय लगभग 3 घंटे 27 मिनट का है, लेकिन भारत में चंद्रमा उदय (लगभग 6:20-6:30 बजे) के बाद ही दिखेगा, यानी शाम 6:26 से 6:47 बजे तक (करीब 15-20 मिनट)। अधिकतम दृश्यता 6:33 से 6:40 बजे के बीच होगी, जब चंद्रमा ‘ब्लड मून’ (लाल रंग) का रूप ले सकता है। पूर्वोत्तर भारत और कुछ हिस्सों में बेहतर दिखाई देगा। सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू होकर ग्रहण समाप्ति तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित हैं।
सिंह राशि में चंद्र ग्रहण का प्रभाव
यह ग्रहण सिंह राशि (सूर्य की राशि) में लग रहा है, जहां केतु की मौजूदगी से भावनात्मक अस्थिरता, परिवारिक मामलों में बदलाव और आध्यात्मिक झुकाव बढ़ सकता है। ज्योतिष के अनुसार, यह समय परिवर्तनकारी है—कुछ राशियों के लिए लाभकारी, तो कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण।
सभी 12 राशियों पर प्रभाव
- मेष: करियर में नई संभावनाएं, लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान दें। खुशखबरी संभव।
- वृषभ: आर्थिक लाभ, लेकिन परिवार में छोटे तनाव। धन लाभ की संभावना।
- मिथुन: रिश्तों में मिठास, प्रेम जीवन अच्छा। खुशखबरी मिल सकती है।
- कर्क: मानसिक तनाव बढ़ सकता है, लेकिन आध्यात्मिक लाभ। सावधानी बरतें।
- सिंह: ग्रहण अपनी राशि में, इसलिए व्यक्तिगत जीवन में बड़े बदलाव। तनाव संभव, लेकिन आत्मविश्वास बढ़ेगा।
- कन्या: नौकरी में प्रगति, लेकिन स्वास्थ्य चिंता। मिश्रित फल।
- तुला: पारिवारिक सुख, धन लाभ। खुशखबरी की संभावना मजबूत।
- वृश्चिक: छिपे दुश्मन सक्रिय, तनाव बढ़ सकता है। सतर्क रहें।
- धनु: यात्रा और शिक्षा में सफलता। सकारात्मक प्रभाव।
- मकर: करियर में बाधा, लेकिन मेहनत से लाभ। तनावपूर्ण समय।
- कुंभ: आय में वृद्धि, लेकिन खर्च भी। मिश्रित।
- मीन: स्वास्थ्य और मानसिक शांति पर असर। आराम करें।
कुछ राशियां जैसे वृषभ, मिथुन, तुला, धनु को ज्यादा खुशखबरी मिल सकती है, जबकि सिंह, वृश्चिक, मकर में तनाव बढ़ सकता है।
उपाय और सावधानियां
ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें, भोजन न बनाएं, गर्भवती महिलाएं विशेष सावधानी बरतें।
चंद्रमा को अर्घ्य दें, “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र जपें।
ग्रहण के बाद स्नान करें। यह समय ध्यान और पूजा के लिए अच्छा है।
चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन ज्योतिष में इसका गहरा महत्व है।
मौसम साफ रहने पर ब्लड मून का नजारा देखें और सकारात्मक रहें।


