घटना का पूरा विवरण
प्रयागराज के कैंट थाना क्षेत्र में 20 जनवरी को हुए फायरिंग मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। इस केस में मुख्य आरोपी अंशिका सिंह के एक और साथी को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र, वार्ड नंबर 23 निवासी अर्जुन वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे क्षेत्र से ही हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना के दिन 20 जनवरी को अंशिका सिंह अपना जन्मदिन मना रही थी। वह अपने चार दोस्तों के साथ मॉडल शॉप के सामने पार्टी कर रही थी। इसी दौरान द्विवेदी चाइल्ड केयर के मैनेजर विशाल वहां पहुंचे। विशाल अंशिका की ओर से ब्लैकमेल किए जाने के कारण रुपये देने आए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि अंशिका ने पहले भी विशाल को पिस्टल दिखाकर 12 हजार रुपये ऐंठे थे। इस बार 20 जनवरी को उसने 50 हजार रुपये की मांग की और धमकी दी कि यदि किसी से कुछ कहा तो दुष्कर्म का केस में फंसा दिया जाएगा।
विरोध करने पर अंशिका ने गुस्से में फायरिंग कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और मामला पुलिस तक पहुंच गया। घटना के बाद अंशिका और उसके साथी फरार हो गए थे, लेकिन अब पुलिस ने एक-एक कर उन्हें पकड़ना शुरू कर दिया है। अर्जुन वर्मा को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस को इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी सुराग मिले हैं।
ब्लैकमेल और धमकी का पूरा मामला
विशाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि अंशिका लंबे समय से उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी। पहले 12 हजार रुपये ऐंठने के बाद इस बार 50 हजार की मांग की गई। जब उन्होंने विरोध जताया तो अंशिका ने पिस्टल निकालकर हवा में फायरिंग कर दी। यह घटना सिंघड़िया मॉडल शॉप के ठीक सामने हुई, जहां रात के समय काफी भीड़ रहती है। फायरिंग से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई थी, लेकिन किसी को चोट नहीं आई।
पुलिस ने मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
अंशिका सिंह मुख्य आरोपी है, जबकि उसके साथी भी इस ब्लैकमेल और धमकी में शामिल बताए जा रहे हैं।
अर्जुन वर्मा की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि बाकी साथियों तक भी जल्द पहुंच बनाई जा सकेगी।
सामाजिक प्रभाव और पुलिस की कार्रवाई
यह घटना एक बार फिर युवाओं में ब्लैकमेल, धमकी और
हथियारों के दुरुपयोग की समस्या को उजागर करती है।
जन्मदिन जैसे खुशी के मौके पर हिंसा का रूप लेना बेहद चिंताजनक है।
स्थानीय लोग पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि
ऐसे मामलों पर लगाम लग सके। प्रयागराज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
अर्जुन वर्मा से पूछताछ के बाद अंशिका सिंह और अन्य साथियों की तलाश जारी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई ब्लैकमेल या धमकी का शिकार है तो
तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे मामलों में चुप रहने से समस्या और बढ़ जाती है।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।
यह घटना समाज में जागरूकता फैलाने का भी माध्यम बनेगी कि अपराध की राह पर चलने से
पहले इसके परिणामों को समझना जरूरी है।


