गोरखपुर में हड़कंप: राप्ती नदी किनारे 5 साल का मासूम लापता
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। पीपीगंज क्षेत्र के एक गांव में 5 वर्षीय मासूम बच्चा रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है। बच्चा राप्ती नदी के किनारे तटबंध पर खेल रहा था, लेकिन अचानक गायब हो गया। सूचना मिलने के 18 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला है। परिजन और पूरा गांव दहशत में है, जबकि बचाव टीम दिन-रात तलाश में जुटी हुई है।
परिजनों की आशंका: तटबंध से फिसलकर नदी में गिरा बच्चा
परिजनों को गहरा शक है कि बच्चा तटबंध पर खेलते-खेलते फिसल गया और पास बह रही राप्ती नदी में गिर पड़ा। बच्चा घर से थोड़ी दूर नदी किनारे था, जहां तटबंध की ऊंचाई और तेज बहाव के कारण खतरा बना रहता है। मां-बाप और रिश्तेदार रो-रोकर बेहाल हैं। गांव वालों ने बताया कि बच्चा बहुत शरारती था और अक्सर अकेले बाहर निकल जाता था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार ने पुलिस को सूचित किया।
तुरंत शुरू हुआ बड़ा बचाव अभियान
सूचना मिलते ही पीपीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया। एनडीआरएफ के गोताखोर, डॉग स्क्वायड और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम नदी में बच्चे की तलाश कर रही है। डॉग स्क्वायड ने बच्चे के कपड़ों की सूंघकर ट्रैकिंग शुरू की, जबकि गोताखोर नदी के गहरे हिस्सों में उतरकर खोज रहे हैं।
पुलिस ने आसपास के इलाकों में भी छानबीन की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। राप्ती नदी का तेज बहाव और गहराई बचाव कार्य को मुश्किल बना रही है। टीम रात-दिन काम कर रही है, लेकिन 17-18 घंटे बीतने के बाद भी बच्चे का कोई पता नहीं चला।
इलाके में फैली दहशत और चिंता
यह घटना पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल पैदा कर रही है।
लोग नदी किनारे बच्चों को अकेला न छोड़ने की सलाह दे रहे हैं।
राप्ती नदी पहले भी कई हादसों की गवाह रही है, जहां डूबने या बह जाने की घटनाएं होती रहती हैं।
स्थानीय लोग तटबंध पर सुरक्षा जाल या रेलिंग लगाने की मांग कर रहे हैं
ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
परिजन अब केवल प्रार्थना कर रहे हैं कि बच्चा सुरक्षित मिल जाए।
पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि तलाश जारी रहेगी और हर संभव कोशिश की जा रही है।
समाज के लिए सबक: बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बच्चों को नदी या
खतरनाक जगहों के पास अकेला न छोड़ा जाए।
अभिभावकों को सतर्क रहना चाहिए और स्थानीय प्रशासन को नदी किनारे सुरक्षा उपाय बढ़ाने चाहिए।
उम्मीद है कि जल्द ही बच्चा सुरक्षित मिल जाएगा और परिवार को राहत मिलेगी।


