गोरखपुर में होली का त्योहार खूनखराबे में बदल गया। सिक्टौर (गोरखपुर सदर) थाना क्षेत्र के करहिया गांव में एक किसान को तेज रफ्तार बाइक से धूल उड़ाने पर टोकने की वजह से पीट-पीटकर मार डाला गया। घटना होली के दिन दोपहर करीब 3 बजे हुई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
घटना का पूरा मामला क्या था?
मृतक ज्ञानेंद्र चौधरी (अधेड़ उम्र) होली के बाद दोपहर में रोहिन नदी के पास अपने खेत देखने गए थे। शिव मंदिर के पास से गुजरते समय करहिया गांव का एक युवक तेज रफ्तार बाइक चला रहा था, जिससे रास्ते पर धूल उड़ रही थी।
ज्ञानेंद्र ने बाइक सवार को टोका और कहा- “धीरे चलाओ, धूल उड़ रही है।” इस पर विवाद बढ़ गया। बाइक सवार ने कुछ साथियों को बुलाया और हमलावरों ने किसान को घेर लिया। उन्होंने लाठियों-डंडों से पीट-पीटकर बुरी तरह घायल कर दिया।
गंभीर हालत में ज्ञानेंद्र को बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में उनका 15 वर्षीय एक बेटा है। पत्नी और बच्चे रो-रोकर बुरा हाल हैं।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
जांच में जुटी टीम आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव है,
पुलिस अतिरिक्त बल तैनात कर सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
होली पर हिंसा: एक बार फिर सवाल
यह घटना होली जैसे त्योहार पर छोटे-छोटे विवादों के बड़े हिंसक रूप लेने का उदाहरण है।
धूल उड़ाने जैसी मामूली बात पर जान लेना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और
दबंगई को दिखाता है। प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्ती बरतनी होगी ताकि
त्योहार खुशियों का रहे, न कि शोक का।
ज्ञानेंद्र चौधरी जैसे मेहनती किसान की मौत ने परिवार और गांव को सदमे में डाल दिया है।
उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना।


