श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बासपार कोठी टोला पिपरा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार की देर शाम विवाद के बाद सो रहे पति रामपत पर पत्नी ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे पति की मौत हो गई। सुबह इसकी जानकारी होने पर लोगों में अपरातफरी मच गई।
घटना का पूरा विवरण
ग्रामीणों के अनुसार रामपत और सुमित्रा दोनों ही शराब पीने के आदी थे। सोमवार शाम दोनों के बीच किसी छोटी-मोटी बात पर विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर रामपत थककर खाट पर लेट गया। इसी दौरान सुमित्रा ने घर में रखी पेट्रोल की बोतल उठाई और रामपत पर छिड़क दिया। फिर माचिस से आग लगा दी और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
रामपत ने आग लगते ही चीखना शुरू कर दिया। वह दरवाजा खटखटाता रहा, चिल्लाता रहा कि कोई दरवाजा खोले, लेकिन आसपास के लोग या तो सो रहे थे या इतनी दूर थे कि आवाज नहीं सुनाई दी। कुछ देर तक चिल्लाने के बाद उसकी आवाज धीमी पड़ गई। आखिरकार वह कमरे के एक कोने में जाकर बैठ गया और जलते हुए शरीर के साथ ही उसकी मौत हो गई।
2 साल पहले भी चाकू से किया था हमला
ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब सुमित्रा ने पति पर हमला किया हो। लगभग 2 साल पहले भी दोनों के बीच विवाद के दौरान सुमित्रा ने रामपत पर चाकू से हमला किया था। उस समय रामपत गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन परिवार और पड़ोसियों के हस्तक्षेप से मामला थम गया था। पुलिस में शिकायत तक नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच रोजाना झगड़े होते थे और शराब इसकी मुख्य वजह थी।
पुलिस जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। रामपत का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने सुमित्रा को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है।
प्रारंभिक जांच में पेट्रोल की बोतल और जलने के निशान मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला हत्या का है और
सुमित्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पड़ोसियों ने बताया कि सुमित्रा ने घटना के बाद घर छोड़कर कहीं जाने की कोशिश की थी,
लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या
कोई पुराना राग-द्वेष था या सिर्फ शराब के नशे में यह कदम उठाया गया।
घरेलू हिंसा और शराब का खतरनाक मेल
यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और शराब के दुरुपयोग के खतरनाक परिणाम को सामने लाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां काउंसलिंग या मदद की सुविधाएं कम हैं,
वहां ऐसे मामले अक्सर बढ़ जाते हैं। परिवार और समाज को ऐसे मामलों में
समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि छोटे विवाद बड़ी त्रासदी में न बदलें।
रामपत की मौत ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले की
पूरी सच्चाई सामने आएगी। लेकिन यह घटना समाज के लिए
एक चेतावनी है कि घरेलू कलह और नशे को हल्के में न लिया जाए।


