लखनऊ में महिला डॉक्टर के साथ दर्दनाक घटना: तीन युवकों ने किया पीछा और दुर्व्यवहार
लखनऊ शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ओरियन मॉल (मोहद्दीपुर) में कार्यरत एक महिला डॉक्टर के साथ तीन युवकों द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार और स्टॉकिंग की घटना सामने आई है। पीड़िता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पूरी घटना का विस्तार से ब्यौरा साझा किया है, जिसके बाद मामले पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
घटना का पूरा विवरण
पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि वह काम खत्म कर शाम को ओरियन मॉल से बाहर निकल रही थीं। जैसे ही वह गेट नंबर-2 की ओर बढ़ीं, तीन युवक उनके पीछे लग गए। आरोप है कि युवकों ने उन्हें लगभग डेढ़ किलोमीटर तक लगातार पीछा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल हंसते-हंसते गाली-गलौज की, बल्कि नस्लीय टिप्पणियां भी कीं। पीड़िता उत्तर-पूर्व भारत की रहने वाली हैं, और युवकों ने उनकी नस्ल, लुक और बोली पर आपत्तिजनक कमेंट किए।
डॉक्टर ने आगे लिखा कि युवकों ने कई बार हाथ बढ़ाकर बैड टच करने की कोशिश की। वह डर के मारे तेज कदमों से चलती रहीं और किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचीं। घटना के दौरान आसपास के लोग चुप्पी साधे रहे और किसी ने मदद नहीं की। पीड़िता ने बताया कि इस पूरे समय वह बेहद असहज और डरी हुई महसूस कर रही थीं।
एक्स पर की गई शिकायत, वायरल हुई पोस्ट
घटना के बाद महिला डॉक्टर ने एक्स पर पूरी घटना का स्क्रीनशॉट और विस्तृत विवरण पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “मैं एक डॉक्टर हूं, लेकिन आज मुझे इंसान होने का भी हक नहीं मिला। तीन लड़कों ने मॉल से गेट-2 तक पीछा किया, गालियां दीं, नस्लीय टिप्पणियां कीं और बैड टच की कोशिश की। क्या महिलाओं के लिए लखनऊ सुरक्षित है?” पोस्ट में उन्होंने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की और अन्य महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दी।
पोस्ट कुछ ही घंटों में हजारों लाइक्स, रीपोस्ट और कमेंट्स के साथ वायरल हो गई। कई यूजर्स ने घटना की निंदा की और लखनऊ पुलिस से तुरंत एक्शन लेने की मांग की। कुछ लोगों ने इसे नस्लवाद और महिला उत्पीड़न का गंभीर मामला बताया।
पुलिस की भूमिका और जांच की उम्मीद
अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पीड़िता ने
शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए
लखनऊ पुलिस को जल्द FIR दर्ज कर जांच शुरू करनी चाहिए। ओरियन मॉल के
आसपास सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने की संभावना है, जिससे आरोपियों की पहचान आसान हो सकती है।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना लखनऊ जैसे महानगर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
मॉल जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भी ऐसी घटनाएं होना दर्शाता है कि
सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
नस्लीय टिप्पणियां और बैड टच जैसे आरोप समाज में बढ़ते असहिष्णुता और असुरक्षा के संकेत हैं।
पीड़िता की हिम्मत की सराहना करते हुए कई लोग उनके साथ खड़े हुए हैं। उम्मीद है कि
पुलिस जल्द कार्रवाई कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी और
ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी। महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए समाज और
प्रशासन दोनों को जिम्मेदारी निभानी होगी।


