तेज रफ्तार ने ली तीन जिंदगियां: गोरखपुर में एक दिन में तीन दर्दनाक हादसे
गोरखपुर जिले में सड़क सुरक्षा की बड़ी चिंता बनी हुई है। हाल ही में अलग-अलग इलाकों में हुए सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक महिला और दो वृद्ध शामिल हैं। ये घटनाएं बड़हलगंज, सहजनवां और चिलुआताल क्षेत्रों में हुईं, जहां तेज रफ्तार वाहनों ने कहर बरपाया। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बड़हलगंज में बाइक की टक्कर से महिला की मौत
बड़हलगंज कोतवाली क्षेत्र में एक महिला की मौत का मामला सामने आया। 10 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे ग्राम भाटपार (बनकट) निवासी लालमती देवी पत्नी रमेश साहनी किसी कार्य से घर से सड़क की ओर जा रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रही पल्सर बाइक (वाहन संख्या UP53 EX 0948) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
गंभीर रूप से घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चार दिन बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। यह हादसा तेज गति और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है।
सहजनवां में अज्ञात ट्रेलर ने कुचला वृद्ध मजदूर
सहजनवां थाना क्षेत्र के चौराहे पर एक और दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। 60 वर्षीय वृद्ध मजदूर रोजी-रोटी कमाने के लिए फोरलेन पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेलर ने उन्हें चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई।
ट्रेलर चालक हादसे के बाद वाहन समेत फरार हो गया। गोरखपुर-बस्ती हाईवे पर यह घटना हुई, जहां ट्रैफिक की
अधिकता के बावजूद सावधानी की कमी साफ नजर आती है। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ
मुकदमा दर्ज किया है और जांच जारी है। परिवार अब दर्द और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
चिलुआताल में तेज बाइक से वृद्ध की मौत
चिलुआताल क्षेत्र में भी तेज रफ्तार बाइक ने एक वृद्ध की जान ले ली। हादसे में बुजुर्ग
गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात बाइक चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया।
यह क्षेत्र पहले भी सड़क हादसों के लिए कुख्यात रहा है, जहां तेज गति और अनियंत्रित वाहन आम समस्या हैं।
सड़क हादसों में बढ़ती मौतें: क्या है वजह?
गोरखपुर जिले में तेज रफ्तार, लापरवाही, हेलमेट न पहनना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से हादसे बढ़ रहे हैं।
इन तीन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन को सख्ती बरतने, स्पीड ब्रेकर लगाने और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
परिवारों में शोक की लहर है, जबकि समाज को सड़क पर सावधानी बरतने की सीख मिली है।
पुलिस सभी मामलों की गहन जांच कर रही है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।


