संतकबीरनगर में पत्रकार पर जानलेवा हमला: बेबाक रिपोर्टिंग की कीमत
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में पत्रकारिता की आजादी और सुरक्षित पत्रकारों के मुद्दे पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सेमरियावाँ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा खमरिया में ठाकुर समुदाय के पत्रकार राहुल सिंह को उनके द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दों के कारण लगातार भद्दी-भद्दी गालियां और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। आरोप पूर्व प्रधान प्रतिनिधि विकास चौधरी पर है, जो बिना किसी सरकारी पद के बाहुबल के दम पर ग्राम पंचायत पर कब्जा जमाए हुए हैं।
ग्राम सभा खमरिया में 2 करोड़ 64 लाख का कथित घोटाला
सूत्रों के अनुसार ग्राम सभा खमरिया का वर्तमान प्रधान विश्राम नाम का व्यक्ति है, जो प्रदेश के बाहर अपनी रोजी-रोटी कमा रहा है। विकास चौधरी ने अपनी पत्नी के प्रधान रहते हुए (जब सीट पिछड़ी थी) और बाद में SC सीट पर विश्राम के जीतने के बाद भी बाहुबल और धमकियों से प्रधान को नियंत्रित कर रखा है। आरोप है कि उन्होंने सरकारी खजाने से करीब 2 करोड़ 64 लाख रुपये का लंबा घोटाला किया है।
प्रधान विश्राम पर मनमाने तरीके से फर्जी बिल, गलत कार्य और धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं। सूत्रों का दावा है कि अगर उच्च स्तरीय जांच हुई तो घोटाले की लंबी पोल खुल सकती है। प्रशासन को इस मामले में अब तक मुंह बंद रखते देखा गया है, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।
पत्रकार राहुल सिंह पर हमला: बेबाक रिपोर्टिंग की सजा?
जब स्थानीय पत्रकार राहुल सिंह (ठाकुर समुदाय से) ने इस घोटाले को उजागर करने के लिए खबरें प्रकाशित कीं और शासन-प्रशासन के समक्ष मुद्दा उठाया, तो विकास चौधरी ने उन्हें निशाना बना लिया। आरोप है कि चौधरी ने राहुल सिंह को माँ-बहन की भद्दी गालियां दीं और खुले तौर पर जान से मारने की धमकी दी।
यह घटना न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि समाज में महिलाओं और सम्मान की भावना पर भी चोट है। राहुल सिंह ने इस पूरे मामले को सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक किया है।
जनता की मांग: सीएम योगी से तत्काल हस्तक्षेप
स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से
इस मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- विकास चौधरी और अन्य दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज हो
- घोटाले की उच्च स्तरीय जांच हो
- पत्रकार राहुल सिंह को सरकारी सुरक्षा प्रदान की जाए
कई लोगों ने टिप्पणी की है कि अब यह भ्रम भी टूट चुका है कि
योगी सरकार में ठाकुर सबसे सुरक्षित हैं,
क्योंकि एक ठाकुर पत्रकार को सरेआम माँ-बहन की गाली और जान की धमकी मिल रही है।
पत्रकारिता की सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर लगाम जरूरी
ग्राम सभा खमरिया का यह मामला उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा, ग्रामीण स्तर पर
भ्रष्टाचार और बाहुबल के दबाव को उजागर करता है। अगर सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं करती, तो
यह पूरे प्रदेश के पत्रकारों और आम जनता के लिए खतरनाक संदेश जाएगा।
राहुल सिंह जैसे बेबाक पत्रकारों की सुरक्षा और घोटाले की जांच अब समय की मांग है।


