लखनऊ: PRKS ने एक बार फिर रेल कर्मचारियों के हितों को मजबूती से उठाते हुए लखनऊ मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक किया है।
इस मौके पर संघ महामंत्री विनोद कुमार राय (सहायक महामंत्री, NFIR नई दिल्ली) के नेतृत्व में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं पर गंभीर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान महामंत्री ने मंडल रेल प्रबंधक से मुलाकात कर कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, खासतौर पर 25% कोटे के तहत आयोजित परीक्षाओं के परिणामों में
हो रही देरी और डीआर कोटे के 20% पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने के आदेश के क्रियान्वयन में हो रही सुस्ती पर गहरी नाराजगी जताई गई।
इसके अलावा, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सा.) के साथ विद्युत विभाग के कर्मचारियों की जमीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
वहीं सीनियर डीसीएम के साथ वाणिज्यिक विभाग के कर्मचारियों के हितों और उनकी परेशानियों को लेकर भी गंभीर संवाद हुआ।
बैठक में मौजूद सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द और प्रभावी समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान संघ की ओर से
नए पदभार ग्रहण करने वाले अधिकारियों—मंडल रेल प्रबंधक (कार्मिक), सीनियर डीईएन (कोऑर्डिनेशन) और सीनियर डीएफएम—का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
महामंत्री ने उम्मीद जताया कि नए अधिकारियों के नेतृत्व में रेलकर्मियों की प्रशासनिक और व्यक्तिगत समस्याओं का पारदर्शी व त्वरित समाधान होगा।
इस अवसर पर संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुबोध चौधरी, वरिष्ठ पदाधिकारी दीपक चौधरी, मुख्यालय मंडल मंत्री फिरोजुल हक सहित कई प्रमुख पदाधिकारी—अब्दुल खालिद,
पी के सिंह, बृजेश चतुर्वेदी, जितेंद्र श्रीवास्तव, अनिल बाजपेई, रमाशंकर दुबे, मो. सलीम, मो. जावेद—और महिला पदाधिकारी दीपिका गुप्ता, चंदा डे, कीर्ति शुक्ला, पूनम, संगीता समेत बड़ी संख्या में रेलकर्मी उपस्थित रहे।
अगर देखा जाए तो यह बैठक कर्मचारियों की आवाज़ को मजबूती देने और समस्याओं के समाधान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


