गोरखपुर। ‘सनलाईन ग्रीन सिंगापुर स्मार्ट सिटी’ के नाम पर जमीन बेचने वाले कॉलोनाइजर्स के खिलाफ सैकड़ों पीड़ित परिवारों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है।
अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई फंसा चुके लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ितों का आरोप है कि वर्ष 2016-17 में गोरखनाथ निवासी विनीत चौधरी, भरत सिंह और अमित चौबे ने बेलीपार क्षेत्र में ‘सनलाईन ग्रीन सिंगापुर स्मार्ट सिटी’ प्रोजेक्ट शुरू कर लोगों को आधुनिक शहर बसाने का सपना दिखाया था।
इस परियोजना में 150 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्री कराई, जबकि 500 से ज्यादा लोगों ने किस्तों के माध्यम से करोड़ों रुपये का निवेश किया।
पीड़ितों के अनुसार, कॉलोनाइजर्स ने कभी नोटबंदी, कभी कोरोना महामारी तो कभी जीडीए अधिग्रहण का हवाला देकर वर्षों तक लोगों को गुमराह किया। न तो जमीन पर कब्जा दिया गया और न ही जमा धनराशि वापस की गई।
मामले को लेकर 13 जुलाई, 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में शिकायत की गई थी। शिकायत पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने अथवा पैसा वापस कराने के निर्देश दिए थे।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) गोरखपुर की मौजूदगी में कॉलोनाइजर्स ने लिखित समझौता किया था,
जिसमें स्टेडियम के शिलान्यास के दो माह के भीतर जमीन पर कब्जा देने या पूरी धनराशि वापस करने का आश्वासन दिया गया था।
लेकिन अब पीड़ितों का आरोप है कि स्टेडियम के शिलान्यास के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा कॉलोनाइजर्स ने अपना कार्यालय बंद कर दिया है और संपर्क से बाहर हो गए हैं।
इससे सैकड़ों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के
विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा उनकी गाढ़ी कमाई वापस दिलाई जाए या उन्हें उनके प्लॉट पर कब्जा दिलाया जाए।
सैकड़ों परिवारों का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के न्याय और सुशासन पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी पीड़ा को समझते हुए जल्द राहत दिलाएगी।


