गोरखपुर: “नमस्ते दिवस” के ऐतिहासिक अवसर पर नगर निगम गोरखपुर के सदन हॉल में स्वच्छता के असली नायकों यानी ‘सफाई मित्रों’ के सम्मान में एक बेहद भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस विशेष समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त अजय जैन ने सीवर व नाला सफाई जैसे जोखिम भरे कार्यों में तैनात फ्रंटलाइन कर्मचारियों को अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण वितरित किए।
साथ ही महानगर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में उनके अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए महापौर ने सभी सफाई मित्रों को “नमस्ते दिवस” की बधाई दी। उन्होंने बेहद हर्ष और गर्व के साथ एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि,
“सफाई मित्र सुरक्षित शहर” राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत नगर निगम गोरखपुर को देश भर में तीसरा (तृतीय) स्थान प्राप्त हुआ है। यह पूरे महानगर के लिए एक ऐतिहासिक गौरव का विषय है।”
यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार हमारे सफाई मित्रों के दिन-रात की अनवरत मेहनत, अटूट समर्पण और उत्कृष्ट सेवा भावना का ही परिणाम है।
सफाई मित्रों के कल्याण के लिए चल रही सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए महापौर ने बताया कि:
आयुष्मान भारत योजना सफाई मित्रों और उनके परिवारों को
मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए अब तक लगभग 1600 कर्मचारियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। बाकी बचे सभी पात्र कर्मचारियों को भी जल्द ही इस योजना से जोड़ दिया जाएगा।
नगर निगम द्वारा नव-गठित सफाई मित्र कर्म निधि के जरिए किसी भी आपातकालीन परिस्थिति या संकट के समय सफाई मित्रों को तुरंत आर्थिक और आवश्यक सहायता दी जा रही है।
इसी क्रम में, नगर आयुक्त अजय जैन ने गोरखपुर को स्वच्छ, सुंदर, हरित और स्वस्थ बनाए रखने में सफाई मित्रों की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए सभी का दिल से आभार जताया।
उन्होंने कहा कि सफाई मित्रों की कर्तव्यनिष्ठा के बल पर ही गोरखपुर नगर निगम राष्ट्रीय स्तर पर नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि नगर निगम प्रशासन अपने हर एक कार्मिक के सामाजिक सम्मान, कार्यस्थल की सुरक्षा, वेलफेयर और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में महापौर और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से सभी सफाई मित्रों से इसी सेवा भाव के साथ गोरखपुर को एक आदर्श और सुरक्षित शहर बनाने के महाअभियान में जुटे रहने का आह्वान किया।


