पुरानी पेंशन बहाली समेत कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर ने आवाज बुलंद की।
रविवार को परिषद का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गोरखनाथ मंदिर पहुंचा और मंदिर के सचिव द्वारका तिवारी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे।
परिषद के महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। वर्तमान पेंशन व्यवस्था को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों में भविष्य की असुरक्षा बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोरखपुर के सांसद थे, तब भी परिषद के अनुरोध पर उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में पत्र लिखा था।
परिषद को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मांग पर कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेंगे।दुसरे ज्ञापन में कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगें प्रमुखता से उठाई गईं।
परिषद ने कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाने, इसमें ओपीडी तथा सभी जरूरी जांचों को शामिल करने और सूचीबद्ध अस्पतालों का भुगतान समय से कराने की मांग की।
गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए वर्तमान पांच लाख रुपये की सीमा बढ़ाकर संपूर्ण उपचार खर्च वहन करने की मांग भी रखी गई, ताकि आर्थिक मजबूरी के चलते कर्मचारी और पेंशनर बेहतर इलाज से वंचित न हों।
परिषद ने एनपीएस के अंतर्गत आने वाले पेंशनरों को नियमित चिकित्सा सुविधा, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित भर्ती तथा आउटसोर्सिंग और संविदा व्यवस्था को समाप्त कर स्थायी नियुक्तियों को प्राथमिकता देने की मांग की।

