आजम खान की गिरफ्तारी पर सियासी घमासान, किसान संगठनों ने किया ‘जस्टिस फॉर आजम खान’ अभियान का ऐलान

Gorakhpur Halchal

आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान की जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध और उत्पीड़न करार दिया है।

किसान संगठनों ने पूरे उत्तर प्रदेश में ‘जस्टिस फॉर आजम खान’ अभियान चलाने का ऐलान किया है।

1 नवंबर 2026 को जारी बयान में पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव और राजीव यादव ने कहा कि

आजम खान की गिरफ्तारी न्यायिक प्रक्रिया के बजाय राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेशभर में वंचित, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के लोगों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

इसके माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रपति से न्याय की मांग की जाएगी।

‘आजम खान को जेल में रखकर परेशान करने की साजिश’

वीरेंद्र यादव और राजीव यादव ने आरोप लगाया कि योगी सरकार मुस्लिम विरोधी मानसिकता के तहत आजम खान को लगातार निशाना बना रही है।

उनका कहना है कि दस बार विधायक, दो बार सांसद और चार बार कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान पहले भी अपनी जान को खतरा होने की आशंका जता चुके हैं।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि रिहाई के तुरंत बाद दूसरी कार्रवाई में गिरफ्तारी करना राजनीतिक उत्पीड़न का उदाहरण है।

उन्होंने परवेज परवाज के मामले का भी जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार और संबंधित एजेंसियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

‘यह लड़ाई सिर्फ आजम खान की नहीं, वंचित समाज के अधिकारों की है’

किसान नेताओं ने कहा कि आजम खान के बहाने पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज को डराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के संस्थान खुलने से समाज आगे बढ़ता है, जबकि जेलों के दरवाजे बंद होने चाहिए।

नेताओं ने आजम खान द्वारा विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा और सामाजिक विकास के प्रयासों को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

प्रेस विज्ञप्ति में किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने मामलों और कथित नफरती भाषणों को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष ने सत्ता में रहते हुए इन मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।

वीरेंद्र यादव और राजीव यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमों, बुलडोजर कार्रवाई और कथित फर्जी एनकाउंटर के जरिए डर का माहौल बनाया जा रहा है।

प्रदेशभर में चलेगा हस्ताक्षर अभियान

पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा ने साफ किया है कि आजम खान के समर्थन में प्रदेशव्यापी जनअभियान चलाया जाएगा। इसके तहत लाखों लोगों के हस्ताक्षर जुटाकर राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय से न्याय की मांग की जाएगी।

किसान संगठनों का कहना है कि यह अभियान केवल एक राजनीतिक नेता की गिरफ्तारी के विरोध तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और वंचित वर्गों की आवाज उठाने का माध्यम बनेगा।

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