अंतिम ममता अभियान के तहत दिवंगत रमेश की बेटी पूनम गौड़ को अपने पिता की जानकारी मिली। 2 सितंबर को राजघाट पर अंत्येष्टि के बाद 25 अक्टूबर को पूनम ने राप्ती नदी में पिता की अस्थियों का विसर्जन कर अंतिम विदाई दी।
गोरखपुर के मातृ आंचल सेवा संस्थान द्वारा संचालित अंतिम ममता अभियान ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। पिपरौली निवासी रमेश का शव 28 अगस्त 2026 को मिला था।
परिजनों का पता नहीं चलने पर नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद 2 सितंबर को राजघाट पर उनकी अंत्येष्टि कराई गई।
कई दिनों से पिता की तलाश कर रहीं बेटी पूनम गौड़ को 25 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी मिली।
वह अपने पिता की तस्वीर लेकर संस्थान पहुँचीं। तस्वीर और उपलब्ध अभिलेखों के मिलान से पहचान की पुष्टि हुई। इसके बाद संस्थान की संचालिका पुष्पलता सिंह ‘अम्मा’
ने राजघाट पर पूनम को उनके पिता का अस्थि कलश सौंपा। पूनम ने राप्ती नदी में अस्थि विसर्जन कर अपने पिता को अंतिम विदाई दी।
संस्थान ने बताया कि इससे पहले बड़हलगंज और आजमगढ़ के दो परिवारों को भी सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों के जरिए अपने दिवंगत परिजनों की जानकारी मिली थी। आवश्यक प्रक्रिया के बाद उन्हें अस्थि कलश सौंपे गए।
मातृ आंचल सेवा संस्थान नगर निगम के सहयोग से मोहरीपुर में ‘अम्मा आश्रय निकेतन’ भी संचालित करता है, जहाँ बेसहारा, वृद्ध, बीमार और दिव्यांग महिलाओं को आश्रय एवं देखभाल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
संस्थान ने लोगों से आर्थिक सहयोग, आवश्यक सामग्री और अभियान की पोस्ट साझा करके मानवता की इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है। संस्था से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर 8707243476 पर पुष्पलता सिंह ‘अम्मा’ से बात की जा सकती है।

