विश्व जनसंख्या दिवस: गोरखपुर एम्स की बड़ी पहल, परिवार नियोजन और स्वस्थ मातृत्व का दिया संदेश

गोरखपुर: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एम्स गोरखपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा ओपीडी परिसर में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण, स्वस्थ मातृत्व, जिम्मेदार अभिभावकत्व तथा परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योति बघेल ने किया। इस दौरान सीएमएफएम विभाग के डॉ. कोपरकर ने बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न चुनौतियों, परिवार नियोजन के महत्व तथा परिवार नियोजन में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुरुषों की समान भागीदारी भी आवश्यक है।

कार्यक्रम में विभाग के इंटर्न्स एवं रेजिडेंट डॉक्टरों ने विशेष परामर्श केंद्र के माध्यम से मरीजों और उनके परिजनों को परिवार नियोजन,

जन्म अंतराल (स्पेसिंग) तथा उपलब्ध निःशुल्क गर्भनिरोधक साधनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही लोगों की शंकाओं का समाधान किया गया और पात्र दंपतियों को निःशुल्क गर्भनिरोधक साधनों का वितरण भी किया गया।

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के सभी संकाय सदस्यों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा मरीजों एवं उनके परिजनों के प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार नियोजन से जुड़े सवालों के उत्तर दिए।

चिकित्सकों ने बताया कि सही समय पर परिवार नियोजन अपनाने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ परिवार का स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती है।

इस अवसर पर विशेषज्ञों ने बताया कि भारत विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है, जबकि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है।

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में प्रजनन दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गुणवत्तापूर्ण परिवार नियोजन सेवाओं की उपलब्धता, जन्म अंतराल, महिलाओं का सशक्तिकरण तथा पुरुषों की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है।

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