चौरी चौरा में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल: डुमरी कोर्ट स्कूल में रोपे गए नीम, पीपल, जामुन समेत कई प्रजातियों के पौधे

Gorakhpur Halchal

चौरी चौरा/गोरखपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चौरी चौरा क्षेत्र के सरदार नगर ब्लॉक स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय डुमरी कोर्ट के प्रांगण में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया।

अभिनव भारत सेवा ट्रस्ट की ओर से संचालित ‘पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को वृक्षों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान विद्यालय परिसर में नीम, जामुन, पीपल, पाकड़, सागौन, सीरस तथा बकैन (जंगली नीम) सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।

साथ ही पौधों की सुरक्षा और उनके संरक्षण पर भी जोर दिया गया, ताकि रोपे गए पौधे भविष्य में बड़े होकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।

इस अवसर पर अभिनव भारत सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में पौधरोपण और वृक्षों का संरक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। वहीं, क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी राम नक्षत्र यादव ने पर्यावरण में हो रहे बदलावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षों का संरक्षण बेहद जरूरी है।

नेपाल में आई बाढ़ का उल्लेख करते हुए पर्यावरणीय असंतुलन के प्रति लोगों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रकृति और पेड़ों के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

कार्यक्रम में सरदार नगर ब्लॉक के बीआरसी चंद्र प्रकाश शुक्ला और शिक्षक हरिश्चंद्र पाण्डेय ने विद्यार्थियों को पौधों के महत्व के बारे में बताया।

उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनने, पौधों की देखभाल करने और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान विद्यालय की शिक्षिकाओं के साथ फिरदौस अंजुम, माया भारती, सविता पांडेय, राम नक्षत्र यादव एवं उनकी टीम, जगलाल सिंह, राम मूरत गुरु भाई, केशभान भारती और राहुल कुमार सहित विद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा भी जरूरी है।

सामूहिक प्रयासों से ही पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य तैयार किया जा सकता है।

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