दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था।
पुलिस की सख्त घेराबंदी और बैरिकेडिंग के चलते प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने में परेशानी हुई। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और हिरासत में लिए जाने की घटनाएं सामने आईं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग बताई गई है।
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। जंतर-मंतर तक पहुंच सीमित किए जाने के बाद दिल्ली के अन्य इलाकों में भी छोटे-छोटे विरोध प्रदर्शन हुए।
सुरक्षा कारणों से 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार रात 10 बजे तक बंद रखने की सूचना दी गई। यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
विवाद का मुख्य मुद्दा: प्रदर्शनकारियों ने SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं को भी खबर में शामिल करना जरूरी है।

