गोरखपुर: गुरुद्वारा जटाशंकर में गुरुवार को श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के माहौल के बीच युवा लेखक एवं विश्व का सबसे लंबा तिरंगा समिति के केंद्रीय संयोजक रघुबंश हिन्दू की पाँचवीं पुस्तक “संघर्षगाथा” का भव्य विमोचन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेकने और गुरु वाणी के कीर्तन से हुई। इसके बाद गुरुद्वारा प्रबंध समिति ने रघुबंश हिन्दू को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया और उनके साहित्यिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों की सराहना की।
गुरुद्वारा प्रमुख सरदार जसपाल सिंह ने कहा कि “संघर्षगाथा” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत है।
उन्होंने कहा कि इसमें विश्व के महान व्यक्तित्वों के संघर्ष, त्याग, अनुशासन और सफलता की प्रेरक कहानियों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जो युवाओं में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करेगी।
इस अवसर पर लेखक रघुबंश हिन्दू ने बताया कि उनकी पाँचवीं पुस्तक का उद्देश्य युवाओं को संघर्ष के महत्व से परिचित कराना है।
पुस्तक में इतिहास, विज्ञान, खेल और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विश्वविख्यात व्यक्तित्वों की प्रेरक जीवन-गाथाओं के साथ-साथ
गोरखपुर से शुरू हुए विश्व के सबसे लंबे तिरंगे अभियान और उससे जुड़े पाँच विश्व रिकॉर्ड की प्रेरणादायी यात्रा को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक युवाओं में राष्ट्रप्रेम, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार करेगी तथा उन्हें अपने जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
कार्यक्रम में अनिल कुमार राय, एडवोकेट मनीष कुमार मिश्रा, आदित्य दूबे, वैद्य सुरेंद्र प्रसाद तिवारी, दिलीप साही, राम अवतार निषाद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


