तीन दशक तक मुस्लिम सियासत में बनाई खास पहचान, योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कानूनी लड़ाई से आए थे राष्ट्रीय चर्चा में
गोरखपुर। गोरखपुर की मुस्लिम सियासत में करीब तीन दशक तक सक्रिय रहे परवेज परवाज का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जिला जेल में बंद परवेज परवाज की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक का माहौल है। परवेज परवाज ने पत्रकारिता, भाषण और सामाजिक मुद्दों पर अपनी मुखर भूमिका के जरिए गोरखपुर में अलग पहचान बनाई थी।
मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के कारण वह लंबे समय तक स्थानीय सियासत में चर्चा के केंद्र में रहे। उनके समर्थकों के बीच उनकी बेबाकी और तकरीर का खास प्रभाव माना जाता था। विभिन्न समुदायों के लोगों के बीच भी उनकी पहचान थी।
वर्ष 2007 में गोरखपुर में हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद परवेज परवाज ने तत्कालीन सांसद और वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य लोगों के खिलाफ अदालत का रुख किया था।
उन्होंने कथित भड़काऊ भाषण और हिंसा से जुड़े आरोपों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ी। इस मामले में सीडी को साक्ष्य के रूप में पेश किए जाने की भी चर्चा रही। इस प्रकरण के बाद परवेज परवाज का नाम राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया।
परवेज परवाज दुष्कर्म के एक मामले में सजा काट रहे थे और गोरखपुर जिला जेल में बंद थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रात में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। परवेज परवाज का राजनीतिक और सामाजिक जीवन कई चर्चित घटनाक्रमों से जुड़ा रहा। उनके निधन के साथ गोरखपुर की स्थानीय सियासत के एक चर्चित व्यक्तित्व का अध्याय समाप्त हो गया।

