संघर्ष समिति गोरखपुर के संयोजक पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि मार्च 2023 के आंदोलन के फलस्वरूप ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा जी ने समिति के साथ
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉरपोरेशन प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि उत्पीड़न की सभी कार्यवाहियां वापस ली जाएं। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तीन वर्ष से
अधिक समय व्यतीत होने के बावजूद अब तक आंदोलन से संबंधित कार्यवाहियां वापस नहीं हुई हैं, जिससे कर्मचारियों में व्यापक आक्रोश व्याप्त है।
संघर्ष समिति गोरखपुर के कार्यवाहक संयोजक जीवेश नन्दन ने बताया कि निजीकरण के विरोध में पिछले 533 दिनों से चल रहे आंदोलन के दौरान
बिजली कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इस दृष्टि से कार्यालय समय के उपरांत ही सभाएं एवं प्रदर्शन किए।
इसके बावजूद बिजली कर्मियों का विभिन्न प्रकार से उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा निगमों में अनावश्यक औद्योगिक अशांति पैदा हो रही है।
यदि ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में बिजली कर्मचारी प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
इस मौके पर जितेन्द्र कुमार गुप्त, सीबी उपाध्याय, प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, इस्माइल खान, संदीप श्रीवास्तव, करुणेश त्रिपाठी, ओम गुप्ता, राजकुमार सागर, विजय बहादुर सिंह एवं राकेश चौरसिया आदि कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।


