गोरखपुर: अधिवक्ता सभागार कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई जन पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि देश में लोकतंत्र, संविधान और संघात्मक ढांचे पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं।
जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है तथा किसानों, मजदूरों, नौजवानों और गरीबों के सवालों से ध्यान हटाकर नफरत और हिंसा का माहौल बनाया जा रहा है।
जन पंचायत को संबोधित करते हुए जय प्रकाश नारायण राय ने कहा कि पहले चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सम्मान और भाईचारे का प्रतीक होते थे, लेकिन आज चुनाव के बाद हिंसा और दमन का माहौल पैदा किया जा रहा है।
ऐसे में हमें लोकतंत्र और संविधान पर बढ़ रहे हमलों के विरुद्ध व्यापक जन संघर्ष तेज करने की जरूरत है। उन्होंने 15 मई की राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मजदूर, किसान, नौजवान और आम जनता एकजुट होकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का जवाब दें।
मनोज सिंह ने कहा कि देश के संघात्मक ढांचे पर लगातार खतरे बढ़ रहे हैं। राज्यों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है तथा सत्ता का केंद्रीकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। अब संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए जनता को संगठित संघर्ष खड़ा करना होगा।
राजेश साहनी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों से बेरोज़गारी, महंगाई और सामाजिक असमानता लगातार बढ़ रही है। गरीबों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों पर हमला तेज हुआ है।
राकेश सिंह ने बताया कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण मजदूरों, किसानों और नौजवानों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार लगातार महंगे और दुर्लभ होते जा रहे हैं।
जन पंचायत को अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के जिला अध्यक्ष श्याम चरण, जिला सचिव विनोद भारद्वाज, राज्य कमेटी सदस्य भाकपा-माले मनोरमा चौहान तथा तथा प्रदेश उपाध्यक्ष विजली कर्मचारी यूनियन के अश्विनी पांडेय राजद नेता विवेक श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि बेरोज़गारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य के निजीकरण से आम जनता की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। जीएसटी और जनविरोधी आर्थिक नीतियों का सबसे अधिक बोझ गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।


