चंदौली न्यूज़: ‘आप दंगा कराना चाहते हैं… हर बार करते हैं ड्रामा’; सीओ और पूर्व विधायक के बीच तू-तू मैं-मैं, सरस्वती विसर्जन पर विवाद

सरस्वती विसर्जन पर सरस्वती विसर्जन पर

चंदौली जिले में मां सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। पुलिस और पूर्व विधायक के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई, जिसमें सीओ ने पूर्व विधायक पर सीधे आरोप लगाया कि “आप दंगा कराना चाहते हैं… हर बार करते हैं ड्रामा”। यह घटना स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव को बढ़ा रही है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पूरा मामला सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान प्रशासन और स्थानीय नेताओं के बीच टकराव का है।

क्या हुआ था घटनास्थल पर?

चंदौली के एक प्रमुख इलाके में सरस्वती पूजा समिति ने प्रतिमा विसर्जन का आयोजन किया। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर कुछ नियम लागू किए थे, जिसमें विसर्जन मार्ग, समय और भीड़ प्रबंधन शामिल था। पूर्व विधायक (जो क्षेत्र के प्रभावशाली नेता हैं) अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और विसर्जन मार्ग बदलने या समय बढ़ाने की मांग की।

सीओ ने नियमों का हवाला देते हुए मना किया। इसी दौरान बात बढ़ गई। पूर्व विधायक ने सीओ पर पक्षपात का आरोप लगाया, जबकि सीओ ने कहा कि “आप दंगा कराना चाहते हैं… हर बार ऐसे ही ड्रामा करते हैं”। यह बातचीत तेज हो गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। आसपास मौजूद लोग और समिति सदस्य भी बीच में आए, लेकिन मामला हाथापाई तक नहीं पहुंचा।

वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर बवाल

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें सीओ की यह टिप्पणी साफ सुनाई दे रही है। वीडियो में पूर्व विधायक गुस्से में नजर आ रहे हैं और सीओ से बहस कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर समर्थकों ने दोनों पक्षों का समर्थन किया। कुछ ने सीओ की सख्ती की तारीफ की, तो कुछ ने पूर्व विधायक के साथ खड़े होकर कहा कि “स्थानीय भावनाओं का सम्मान नहीं किया गया”।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

चंदौली पुलिस ने बताया कि विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। सीओ ने केवल नियमों का पालन करवाया। कोई बड़ा विवाद या हिंसा नहीं हुई। जिला प्रशासन ने कहा कि सभी पूजा समितियों को पहले से सूचित किया गया था। पूर्व विधायक की मांग पर विचार किया जा सकता था, लेकिन सुरक्षा और यातायात के कारण नियम तोड़े नहीं जा सकते।

पूर्व विधायक का बयान

पूर्व विधायक ने कहा कि “पुलिस ने स्थानीय परंपराओं और भावनाओं की अनदेखी की।

हमने सिर्फ भक्तों की सुविधा के लिए बात की थी,

लेकिन सीओ ने गलत तरीके से पेश किया।” उन्होंने आगे कहा कि

“हम दंगा नहीं कराना चाहते, बल्कि शांतिपूर्ण आयोजन चाहते हैं।”

चंदौली में ऐसे विवाद पहले भी

चंदौली में धार्मिक आयोजनों को लेकर पुलिस और स्थानीय नेताओं के बीच टकराव पहले भी देखा गया है।

विशेषकर त्योहारों के दौरान मार्ग, समय और भीड़ प्रबंधन पर अक्सर बहस होती है।

इस बार का विवाद सोशल मीडिया के कारण ज्यादा चर्चा में आ गया।

जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है,

लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।

यह घटना प्रशासन और स्थानीय नेताओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत को दर्शाती है।

धार्मिक आयोजनों में शांति और नियमों का पालन दोनों जरूरी हैं।

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