गोरखपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र से जारी एक बयान में पूर्वांचल गाँधी डॉ संपूर्णानंद मल्ल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की नीतियों की आलोचना करते हुए शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, महंगाई और सामाजिक समानता से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं।
अपने बयान में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर दिल्ली के राजघाट पहुंचकर तिरंगा उठाने और सत्य-अहिंसा के रास्ते विरोध दर्ज कराने की घोषणा की गई है।
बयान में वक्ता ने संविधान, तिरंगे, धर्मनिरपेक्षता और हिंदू-मुस्लिम एकता की रक्षा पर जोर दिया। साथ ही जेल में बंद शरजील इमाम, उमर खालिद, मोहम्मद मुर्तजा अब्बासी और संजीव भट्ट की रिहाई की मांग भी उठाई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई पर उठाए सवाल:
पूर्वांचल गाँधी ने गरीब और अमीर सभी के लिए समान शिक्षा, चिकित्सा और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने स्नातक तक निशुल्क शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने,
सरकारी अस्पतालों और विद्यालयों का विस्तार करने तथा वंदे भारत ट्रेन का किराया सामान्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के बराबर करने की मांग रखी।
इसके अलावा पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और चीनी की कीमतों में कमी, खाद्य पदार्थों एवं आवश्यक सेवाओं पर GST समाप्त करने और निजी वाहनों पर टोल टैक्स खत्म करने जैसे प्रस्ताव भी रखे गए हैं।
बयान में कृषि योग्य भूमि के समान वितरण, चुनाव लड़ने के लिए खेती या श्रम का अनुभव अनिवार्य करने, विधायिका में प्रवेश की न्यूनतम उम्र 35 वर्ष निर्धारित करने और सांसदों-विधायकों के वेतन एवं विशेषाधिकारों में बदलाव की मांग की गई है।
वक्ता ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में राष्ट्रीय परीक्षा और आरक्षण व्यवस्था लागू करने, राजनीतिक एवं धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों से जुड़े नियमों में बदलाव तथा पत्रकारों और वकीलों को विधायिका के सदस्यों के समान पेंशन देने की मांग भी उठाई।

