पुलिस ने अवैध रूप से ब्लड की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
मुखबिर खास की सूचना पर पुलिस हरकत में आकर तेजी दिखाया जिसका परिणाम यह निकला कि इस गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
आरोपियों के कब्जे से एक कार में रखा गया करीब 100 यूनिट अवैध खून बरामद किया गया है। इस कार्रवाई के बाद अवैध ब्लड कारोबार से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
याद दिलाते चलें कि यह घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में आने वाले थाना
रामगढ़ ताल की है।
भगत चौराहा के पास, एलआईसी कार्यालय के निकट गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी फहीम अहमद और ताज गुड्डू के रूप में हुई है।
इनके पास से लगभग 100 यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल्स (PRBC) के रूप में हुई है। ब्लड बैंक की यह पकड़ी गई है।
सप्लाई का कथित गंतव्य: गोरखपुर का आरोग्य ब्लड बैंक।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी कार के जरिए बड़ी मात्रा में खून लेकर जा रहे थे। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और वाहन की तलाशी के दौरान 100 यूनिट खून बरामद किया।
कहां से आता था खून, कहां होती थी सप्लाई?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में खून आरोपियों के पास कहां से आया और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी?
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।
जांच के महत्वपूर्ण बिंदुओं में खून की खरीद-फरोख्त, उसके भंडारण, परिवहन और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाना शामिल है।
मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ का गंभीर मामला
खून की जरूरत किसी भी मरीज के लिए जिंदगी और मौत का सवाल हो सकती है। ऐसे में यदि अवैध तरीके से ब्लड का संग्रहण, परिवहन या बिक्री की जा रही थी,
तो यह मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ब्लड की गुणवत्ता, जांच और सुरक्षित भंडारण के नियमों का पालन बेहद जरूरी है।

