ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था पर पेंशनरों का हल्लाबोल! इलाज के लिए तरस रहे बुजुर्ग

Gorakhpur Halchal

गोरखपुर। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। ऑनलाइन पोर्टल की कथित तकनीकी खामियों, प्रक्रिया की जटिलताओं और भुगतान में

देरी से परेशान राजकीय सिविल पेंशनर्स प्रकोष्ठ ने सरकार से तत्काल पुरानी ऑफलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों का कहना है कि समय पर प्रतिपूर्ति राशि नहीं मिलने से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग पेंशनरों के सामने इलाज जारी रखने का संकट खड़ा हो रहा है।

राजकीय सिविल पेंशनर्स प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण बैठक राम जानकी नगर, गोरखपुर स्थित प्रकोष्ठ के कैंप कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे.पी.एल. ने की, जबकि संचालन संयोजक रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने किया।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. जे.पी.एल. और रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन भरने और फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया सुचारु नहीं है।

तकनीकी त्रुटियों और प्रक्रियागत समस्याओं के कारण पेंशनरों को बार-बार परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित और अस्पतालों में भर्ती पेंशनरों को समय पर

चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि नहीं मिलने से आगे का उपचार कराना मुश्किल हो रहा है। उम्र के इस पड़ाव पर आर्थिक संसाधनों की कमी और सरकारी प्रक्रिया की जटिलता उनकी परेशानी को और बढ़ा रही है।

संयोजक रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन आवेदन की जटिलताओं के कारण कई बुजुर्ग पेंशनरों को साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ रहा है।

उनका कहना है कि कुछ साइबर कैफे संचालक आवेदन पूरा नहीं होने या तकनीकी त्रुटि आने के बावजूद पूरा शुल्क वसूल रहे हैं। इससे पहले से परेशान पेंशनरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

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