गोरखपुर। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर में मिशन शक्ति के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और संस्थान के कर्मचारियों को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, साइबर अपराधों से बचाव तथा समाज में समानता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महिला थाना की एसओ एवं मिशन शक्ति प्रभारी श्रीमती सुनीता सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं के कानूनी अधिकारों, सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ समाज में उनके प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार और सहभागिता को बढ़ावा देना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तीकरण विषय पर पोस्टर एवं स्लोगन प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक और प्रेरणादायक कविता पाठ का आयोजन किया गया।
गुंजन, हिमांशु और अनन्या ने कविता पाठ के माध्यम से महिला सम्मान, समानता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
इन गतिविधियों के जरिए महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने और उत्पीड़न के प्रति शून्य सहनशीलता की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में महिला चिकित्सकों ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी केवल मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण में भी उनकी अहम भूमिका है।
उन्होंने उत्पीड़न, हिंसा और अन्याय से प्रभावित महिलाओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने तथा उन्हें उचित सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
साथ ही, चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को संबंधित कानूनों, नीतियों और सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी रखने को महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को मिशन शक्ति की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर डीन डॉ. महिमा मित्तल, प्रभारी छात्र कल्याण डॉ. शिखा सेठ, डीन रिसर्च डॉ. आनंद मोहन सहित संस्थान के अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन छात्र अभिनव त्रिपाठी ने किया।
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत्त), ने इस पहल को विद्यार्थियों और कर्मचारियों को जागरूक एवं संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि संस्थान चिकित्सा शिक्षा, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के साथ सामाजिक जागरूकता एवं जनकल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है।

