आय-जाति प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे आवेदक, छात्रों से लेकर जरूरतमंद परिवारों तक की बढ़ी परेशानी
गोरखपुर। लेखपालों के आंदोलन का असर अब आम जनता पर साफ दिखाई देने लगा है। गोरखपुर सदर तहसील में महज सात दिनों के भीतर आय और जाति प्रमाण पत्र के 7,202 आवेदन आए, लेकिन इनमें से सिर्फ 115 का ही निस्तारण हो सका, जबकि 7,087 आवेदन लंबित रह गए।
इन आवेदनों के अटकने से छात्रों को छात्रवृत्ति और दाखिले के लिए जरूरी प्रमाण पत्र मिलने में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले पात्र लोगों के आवेदन भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रमाण पत्रों के अभाव में कई आवेदकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं और उनके जरूरी काम समय पर पूरे नहीं हो पाएंगे।
सदर तहसील अध्यक्ष अनिल राय ने कहा कि संघ ने फिलहाल इलाज और आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों को आंदोलन से अलग रखा है, ताकि जरूरतमंदों को परेशानी न हो।
हालांकि, मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्टूबर से ऑफलाइन कार्यों के बहिष्कार और 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। इससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है।
जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद के मुताबिक, वेतन विसंगति, 2,800 ग्रेड पे, पदोन्नति और भत्तों में वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। 17 अक्टूबर से ऑफलाइन कार्य बहिष्कार और 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी है।

