गोरखपुर: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कोर कमेटी की बैठक विकास भवन परिसर में की गई जिसकी अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव और संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया।
कमेटी के सदस्य अशोक पांडे द्वारा यह प्रस्ताव लाया गया कि आगामी कैबिनेट की बैठक में माननीय मुख्यमंत्री जी से सभी मांगों को पूरा करने और साथ ही पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की जाए जिस पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति जताई।
अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि वह आगामी कैबिनेट के बैठक में कर्मचारी हितों से जुड़े सभी मांगों को पूरा करें तथा कोरोना काल में निलंबित किए गए भत्ते को बहाल किया जाए,
सभी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती की जाए, आउटसोर्सिंग प्रथा समाप्त कर सभी विभागों में नियमित भर्ती की जाए। कैशलेस चिकित्सा में ओपीडी को शामिल हो, नई पेंशन स्कीम से रिटायर्ड कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा का लाभ मिले।
आज मुख्यमंत्री जिस प्रकार शिक्षामित्र और अनुदेशकों का दर्द समझे हैं उसी प्रकार कर्मचारियों का भी दर्द समझ कर इन सभी जायज मांगों को कैबिनेट से पास कराएं अन्यथा कर्मचारी समाज पेट की रोटी के लिए आंदोलन की राह अपनाएगा।
महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने कहा कि सदर सांसद रहते हुए मुख्यमंत्री ने 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर नई पेंशन स्कीम समाप्त कर पुराने पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग किया था,
अब वह स्वयं इस प्रदेश के मुखिया हैं, कर्मचारियों का दर्द समझते हैं तो वह वर्तमान में पीएम मोदी को पत्र लिखकर यह मांग करें कि एनपीएस यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करें ।
यदि इसमें विलंब होता है तो सीएम उत्तर प्रदेश में स्वयं पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करें ताकि उत्तर प्रदेश में वास्तविक राम राज्य की स्थापना हो सके।
इस अवसर पर परिषद अध्यक्ष सहित गोविन्दन, अशोक पांडे, अनिल द्विवेदी, अनूप कुमार, राजेश मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, इजहार अली, बंटी श्रीवास्तव, निशिकांत चौधरी, विनीता सिंह आदि तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।


