सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को रामपुर जिला जेल से रिहाई मिलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया।
करीब 11 महीने जेल में रहने के बाद शनिवार शाम जैसे ही आजम खान जेल के गेट से बाहर निकले, पहले से मौजूद ED की टीम ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।
यह कार्रवाई जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में की गई है। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जेल से रिहाई मिल गई।
11 महीने बाद मिली थी रिहाई, लेकिन जेल के बाहर ही ED ने किया गिरफ्तार
मिली जानकारी के मुताबिक, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 17 नवंबर 2025 को जेल भेजा गया था। दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी।
इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को दोनों की जमानत मंजूर कर दी। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 31 अक्टूबर की शाम रामपुर जेल से उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
हालांकि, आजम खान की रिहाई की खबर के बीच ED की टीम भी रामपुर जिला जेल पहुंच गई। शाम करीब सात बजे आजम खान जेल से बाहर निकले और महज एक मिनट बाद ED की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई
ED की यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं एवं धनशोधन की जांच के सिलसिले में की गई है।
जांच एजेंसी को आरोप है कि जौहर विश्वविद्यालय केको आरोप है कि जौहर विश्व विद्यालय के निर्माण और उससे संबंधित गतिविधियों में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग हुई है।
इसी मामले में ED ने पहले से जांच शुरू कर रखी थी। रिपोर्टों के अनुसार, ED की लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम गिरफ्तारी के लिए रामपुर पहुंची थी।

