गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के बड़े नेता के रूप में पहचान रखने वाले के.एल. गुप्ता के निधन की खबर से रेलवे कर्मचारी संगठनों और उनसे जुड़े लोगों में शोक का माहौल है।
रेलवे कर्मचारियों के बीच उनकी पहचान एक प्रमुख यूनियन नेता के रूप में रही। इनकी पहचान ऐसे नेता के रूप मे रही जिन्होंने 60 से अधिक वर्षों तक संभाली मजदूरों की आवाज, 110 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कन्हैया लाल गुप्ता ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे गोरखपुर के पुर्दिलपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह लगभग 110 वर्ष के थे और पिछले एक साल से अस्वस्थ चल रहे थे।
1952 से मजदूर आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
के.एल. गुप्ता का नाम पूर्वोत्तर रेलवे के मजदूर आंदोलन में लंबे समय तक प्रमुखता से लिया जाता रहा। 14 अप्रैल 1952 को पूर्वोत्तर रेलवे के गठन के समय से ही वह एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) से जुड़े रहे। उन्होंने लगभग छह दशकों तक यूनियन के महामंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
वर्ष 2025 में अस्वस्थता के चलते उन्होंने महामंत्री का पद छोड़ दिया था। इसके बाद उन्हें यूनियन के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वह ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (AIRF) में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
के.एल. गुप्ता ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में पूर्व राष्ट्रपति वीवी गिरि, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीज जैसे राष्ट्रीय नेताओं के साथ काम किया था।
रेलवे कर्मचारियों के अधिकारों, उनकी समस्याओं और श्रमिक हितों को लेकर वह लगातार सक्रिय रहे। उनकी लंबी संगठनात्मक पारी ने उन्हें रेलवे कर्मचारियों के बीच एक विशिष्ट पहचान दिलाई।
पुर्दिलपुर से निकली अंतिम यात्रा, राजघाट पर हुआ अंतिम संस्कार
निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा पुर्दिलपुर स्थित आवास से निकाली गई। अंतिम यात्रा नरमू कार्यालय पहुंची, जहां यूनियन पदाधिकारियों, रेलवे कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इनके निधन पर पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन, ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन और अन्य कर्मचारी संगठनों से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ की ओर से शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

