प्रयागराज। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया रद्द करने और दिल्ली व बिहार में नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं की कथित
फर्जी गिरफ्तारियों के विरोध में छात्र-नौजवानों ने प्रयागराज में आक्रोश मार्च निकाला। नौजवान भारत सभा और अन्य प्रगतिशील संगठनों के संयुक्त आह्वान पर निकाले गए इस मार्च में सैकड़ों छात्र-नौजवान शामिल हुए।
आक्रोश मार्च सलोरी स्थित शुक्ला मार्केट से शुरू होकर ईश्वरशरण डिग्री कॉलेज होते हुए आईईआरटी ग्राउंड पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने सभा आयोजित कर चुनावी प्रक्रिया, मतदान के अधिकार और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर विरोध जताया।
सभा को संबोधित करते हुए नौजवान भारत सभा के प्रशांत ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में SIR के जरिए लोगों के बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण राजनीतिक अधिकार है, जिसे हासिल करने के लिए मेहनतकश जनता ने लंबे संघर्ष किए हैं।
प्रशांत ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने वाली किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया रद्द किए जाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
दिशा छात्र संगठन के चंद्रप्रकाश ने कहा कि छात्र-नौजवानों के आंदोलनों से घबराकर सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिशा छात्र संगठन की अध्यक्ष वारुणी पूर्वा को पटना पुलिस ने सुबह से हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर रखा है। हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग उठाई।

