धर्म का धर्म और धंधे का धंधा: राजेंद्र शर्मा का व्यंग्य

हम तो पहले ही कह रहे थे कि धर्म है बहुत फायदे का धंधा. बहुत फायदे का यानी सचमुच बहुत ही फायदे का. अब कुंभ को ही ले लीजिए- योगी जी और उनके संगी-संगातियों ने लाखों करोड़ का हिसाब बताकर, कुंभ के खर्चे का सवाल उठाने वालों के मुंह बंद कर दिए हैं. वैसे कुंभ-वुंभ…

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MAHA KUMBH 2025: नफरती एजेंडे की बलिवेदी पर चढ़ा कुंभ का मेला: बादल सरोज (PART-1)

एक महीने तक चलने वाले कुंभ मेले का आरम्भ हो गया है. कुंभ, उसमें भी इलाहाबाद – जिसे अब प्रयागराज कहने का हुक्म है-का कुंभ पृथ्वी के इस हिस्से का सबसे बड़ा मेला है. मनुष्यता के असाधारण एकत्रीकरण और समावेश के आकार और जुटान की तादाद को देखते हुए यह मेला अपनी मिसाल आप ही…

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