गोरखपुर की सांस्कृतिक धरोहर का महोत्सव
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक केंद्र, एक बार फिर अपनी विरासत और प्रगति को विश्व पटल पर लाने जा रहा है। गोरखपुर महोत्सव 2026 13 और 14 जनवरी को गोरखनाथ मठ परिसर और गोरखपुर शहर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित होगा। यह महोत्सव न केवल स्थानीय संस्कृति, कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देगा, बल्कि गोरखपुर के विकास और पर्यटन को भी नई पहचान देगा।
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह करेंगे। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य गोरखपुर को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करना है, जहां प्राचीन परंपराएं और आधुनिक विकास एक साथ नजर आएं।
उद्घाटन दिवस का कार्यक्रम (13 जनवरी 2026)
महोत्सव का पहला दिन भक्ति, कला और मनोरंजन से भरा रहेगा। मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
- सुबह: गणेश वंदना एवं ब्रज की रास रंगहोली नृत्य प्रसिद्ध नृत्यांगना गीतांजली शर्मा द्वारा भव्य प्रस्तुति। यह नृत्य गोरखपुर की भक्ति परंपरा और ब्रज की रसिकता को दर्शाएगा।
- दोपहर: सबरंग कार्यक्रम स्थानीय उच्च कलाकारों द्वारा लोक नृत्य, लोक गीत, कव्वाली और अन्य पारंपरिक प्रस्तुतियां। यह सेगमेंट गोरखपुर और पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को सामने लाएगा।
- सायं 6:00 बजे: वनगांगिया फैशन शो गोरखपुर की पारंपरिक वनगांगिया (वन-गंगा) पोशाक और आधुनिक फ्यूजन वियर का अनूठा मिश्रण। स्थानीय डिजाइनरों और मॉडल्स द्वारा यह शो गोरखपुर की हस्तकला और फैशन को नई पहचान देगा।
- रात्रि: भोजपुरी नाइट भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह द्वारा भोजपुरी गायन की धमाकेदार प्रस्तुति। उनके लोकप्रिय गाने जैसे “लॉलीपॉप लागेलु”, “सइयां जी दिलवा मांगे” और नए ट्रैक्स दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर देंगे।
समापन समारोह (14 जनवरी 2026)
मंगलवार को गोरखपुर महोत्सव का भव्य समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होगा। समापन समारोह में:
- विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा
- गोरखपुर के विकास परियोजनाओं की प्रदर्शनी
- स्थानीय उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के स्टॉल्स
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम दौर
महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
- गोरखनाथ मठ परिसर में भव्य सजावट और लाइट शो
- हस्तशिल्प, हथकरघा और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी
- खान-पान का स्ट्रीट फूड जोन (चाट, जलेबी, लस्सी, पूड़ी-सब्जी)
- बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और गेम जोन
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गोरखपुर के आसपास के पर्यटन स्थलों
- (कुशीनगर, राजीव गांधी स्मृति पार्क, रामगढ़ ताल) की जानकारी
क्यों है यह महोत्सव खास?
गोरखपुर महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है
, बल्कि यह शहर की आर्थिक और पर्यटन क्षमता को भी प्रदर्शित करता है।
योगी सरकार के प्रयासों से गोरखपुर अब पूर्वांचल का प्रमुख पर्यटन और व्यापार केंद्र बन रहा है।
यह महोत्सव स्थानीय कलाकारों, उद्यमियों और युवाओं को मंच देता है।
गोरखपुर की नई पहचान
13-14 जनवरी 2026 को गोरखपुर महोत्सव में शामिल होकर आप गोरखपुर की विरासत, कला,
संगीत और विकास को करीब से महसूस करेंगे। चाहे आप भोजपुरी संगीत के शौकीन हों
, फैशन पसंद करें या भक्ति और संस्कृति में रुचि रखते हों –
यह महोत्सव हर उम्र के लिए कुछ न कुछ खास लेकर आया है।


