धर्म का धर्म और धंधे का धंधा: राजेंद्र शर्मा का व्यंग्य
हम तो पहले ही कह रहे थे कि धर्म है बहुत फायदे का धंधा. बहुत फायदे का यानी सचमुच बहुत ही फायदे का. अब कुंभ को ही ले लीजिए- योगी जी और उनके संगी-संगातियों ने लाखों करोड़ का हिसाब बताकर, कुंभ के खर्चे का सवाल उठाने वालों के मुंह बंद कर दिए हैं. वैसे कुंभ-वुंभ…


