गोरखपुर: मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्य ट्रस्टी विजयना अनिरुद्ध किरन बाबा प्रेमचन्द्र मानव सेवा न्यास के
विनोद कुमार त्रिपाठी ने गोरखपुर प्रेस क्लब पर प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि
हम सब यहाँ पवित्र और ऐतिहासिक उद्देश्य से एकत्र हुए हैं.
हम चाहते हैं कि हमारे गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवैधनाथ जी महाराज को ‘भारत रत्न‘ से सम्मानित किया जाए.
महंत अवैद्नायनाथ का पूरा जीवन राष्ट्र सेवा, धर्म रक्षा और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा.
वह केवल गोरखनाथ मठ के महंत नहीं थे बल्कि एक राष्ट्रभक्त संत, समाज सुधारक और युग पुरुष थे.
उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी. साथ ही अयोध्या में श्रीराम के जन्मस्थान पर
भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को साकार करने के लिए उन्होंने समर्पण, नेतृत्व और त्याग का अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किया.
उनका यह योगदान सदैव भारतीय संस्कृति और आस्था के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा. अपने जीवन काल में महंत अवैधनाथ ने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम किया.
उन्होंने निर्धनों, असहायों और विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, चिकित्सा और सेवा के अनेक केंद्र स्थापित किए.
उनकी प्रेरणा से आज गोरखनाथ मंदिर न केवल धार्मिक स्थल है बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सेवा का केंद्र बन गया है.
राजनीति में रहकर भी उनका उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि जनता की सेवा और समाज का उत्थान रहा.
उन्होंने हमेशा कहा कि-धर्म और राष्ट्र एक दूसरे के पूरक हैं. उनके मार्गदर्शन में असंख्य युवा संस्कार, स्वावलंबन और राष्ट्रप्रेम की ओर अग्रसर हुए.
ऐसे संत जिन्होंने धर्म, राजनीति और समाज-तीनों में आदर्श प्रस्तुत किया, उन्हें “भारत रत्न” से सम्मानित करना संपूर्ण राष्ट्र की भावना का सम्मान होगा.
सेवा न्यास के सदस्यों ने भारत सरकार से निवेदन किया है कि ब्रह्मलीन महंत को “भारत रत्न” से सम्मानित किया जाए
ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा और धर्म रक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ें.
इस मौके पर शिव शंकर पांडे, गोविंद कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह, चंदन मौर्य, ए०के० निगम, सी.ए. कोषाध्यक्ष सुधा त्रिपाठी,
ट्रस्टी ज्योत्स्ना तिवारी, ट्रस्टी पारस नाथ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओंकार सिंह व नितेश, नितिन किन्नर, दीपक शर्मा,
जितेन्द्र वर्मा, रेखा सिंह, प्रभा तिवारी, ऋषभ दुबे, संतोष, एवं विनय चतुर्वेदी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.


