उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सड़क हादसे का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग स्थित फोरलेन बाईपास पर मंगलवार देर रात एक युवक की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। अज्ञात वाहन से टक्कर मारने के बाद घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सड़क हादसे का पूरा विवरण: रात के अंधेरे में मौत का तांडव
घटना मंगलवार रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। एम्स थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामपुर बुजुर्ग फोरलेन पर कुशीनगर जिले के हाटा क्षेत्र के सकरौली गांव निवासी 22 वर्षीय नीलेश गौड़ अपनी कार से गोरखपुर की ओर जा रहे थे।
अचानक सड़क पर खड़े एक अज्ञात वाहन के पीछे उनकी कार की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
नीलेश गौड़ के अलावा कार में उनके चार अन्य साथी भी सवार थे, जिनमें अमन गौड़ (24 वर्ष), दिलीप जायसवाल (24 वर्ष), अंकित जायसवाल (22 वर्ष) और सिद्धार्थ शामिल थे। सभी कुशीनगर जिले के रहने वाले थे और मंगलवार रात एक मित्र के जन्मदिन समारोह से लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही सोनबरसा चौकी की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
घायलों को एम्बुलेंस से कुशीनगर के सीएचसी देवतहा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने नीलेश गौड़ को मृत घोषित कर दिया। बाकी चारों को प्राथमिक उपचार के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज (बीआरडी) रेफर कर दिया गया।
पुलिस पिकेट और जाम: हादसे की मुख्य वजह?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रामपुर बुजुर्ग में रात के समय पशु तस्करों को पकड़ने के लिए लगाए गए पुलिस पिकेट के कारण फोरलेन पर जाम की स्थिति बन गई थी। इसी जाम में अज्ञात वाहन खड़ा था, जिससे टक्कर हुई। ग्रामीणों ने बताया कि
अक्सर रात में ऐसी पिकेटिंग से ट्रैफिक बाधित होता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
सोनबरसा चौकी प्रभारी ने कहा, “घटना की जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
अज्ञात वाहन की पहचान कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
मृतक नीलेश गौड़ के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पिता उदयभान गौड़ ने बताया, “बेटा जन्मदिन पार्टी से लौट रहा था।
सुबह ही फोन आया कि हादसा हो गया। अब घर में सन्नाटा छा गया है।” गांव में मातम का माहौल है,
जहां ग्रामीणों ने हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
गोरखपुर में सड़क हादसों का बढ़ता ग्राफ: आंकड़े चौंकाने वाले
गोरखपुर जिले में सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या बन चुकी हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार,
2025 में अब तक जिले में 450 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
फोरलेन और बाईपास रोड पर तेज रफ्तार, अज्ञात वाहनों की लापरवाही और जाम मुख्य कारण हैं।
हाल के दिनों में पीपीगंज फोरलेन पर तीन वाहनों की टक्कर से दो युवकों की मौत, खोराबार में बाइक-स्कूटी हादसे में
एक की जान जाना जैसी घटनाएं आम हो गई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फोरलेन पर रात्रिकालीन पेट्रोलिंग बढ़ाने, स्पीड लिमिट साइन बोर्ड लगाने
और सीसीटीवी कवरेज मजबूत करने से हादसे कम हो सकते हैं। एसएसपी डॉ. राम आशीष ने कहा,
“ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील इलाकों में चेकिंग सख्त की जाए।
ड्राइवरों को हेलमेट और सीट बेल्ट का पालन अनिवार्य है।”
सावधानियां और अपील: जान बचाने के उपाय
- रात में ड्राइविंग करते समय स्पीड कम रखें और हेडलाइट्स चालू रखें।
- अचानक रुकने वाले वाहनों से सावधान रहें; दूरी बनाए रखें।
- थकान महसूस हो तो गाड़ी न चलाएं; रेस्ट लें।
- हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य करें।
- हादसे की सूचना के लिए 112 हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष: सड़क सुरक्षा पर ध्यान दो, वरना और घर उजड़ेंगे
यह हादसा गोरखपुर के युवाओं के लिए एक कड़वा सबक है। नीलेश जैसे नौजवान परिवार का सहारा होते हैं,
उनकी मौत से पूरा परिवार विधवा हो जाता है। प्रशासन को अब ठोस कदम उठाने होंगे
ताकि फोरलेन पर ऐसी त्रासदियां न हों।
अगर आप गोरखपुर या आसपास रहते हैं, तो सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।
एक छोटी सी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है। मृतक की आत्मा को शांति मिले, यही प्रार्थना है।


