पश्चिम एशिया की जमीन इन दिनों बारूद की गंध से भरी है। इस्राइल और अमेरिका की ओर से ईरान पर जारी सैन्य हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई का आज चौथा दिन है। दोनों देशों की संयुक्त बमबारी तेज हो गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि यह अभियान चार-पांच हफ्ते तक चल सकता है। पूरा क्षेत्र युद्ध जैसे हालात से गुजर रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव से जुड़े सभी अपडेट्स इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें…
ईरान पर बढ़ते हमले: 13 सैनिकों की मौत, केरमान बेस निशाना
लाइव अपडेट के अनुसार, अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त सेनाओं ने ईरान के केरमान में स्थित एक प्रमुख मिलिट्री बेस पर हमला किया। इस हमले में ईरान के 13 सैनिकों की मौत हो गई। ईरानी मीडिया ने इसे बड़ा नुकसान बताया है। हमले में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे बेस का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। ईरान की सेना ने जवाबी फायरिंग की, लेकिन अमेरिकी सेना ने इसे बेअसर कर दिया। यह हमला संकट के चौथे दिन का सबसे बड़ा विकास है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान: अभियान 4-5 हफ्ते तक चलेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस से प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान पर हमले अभी जारी रहेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि यह अभियान चार से पांच हफ्ते तक चल सकता है। राष्ट्रपति ने कहा, “ईरान की आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम अपने सहयोगी इस्राइल के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति बहाल करेंगे।” इस बयान से वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई है, तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: मिसाइल दागे गए
ईरान ने अमेरिका-इस्राइल हमलों के जवाब में अपनी मिसाइलें दागीं। ईरानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने इस्राइल के कुछ ठिकानों पर हमला किया है। हालांकि, इस्राइल ने इन दावों को खारिज कर दिया। ईरान के सुप्रीम लीडर ने देशवासियों से अपील की कि वे युद्ध के लिए तैयार रहें। संकट के कारण क्षेत्र में नागरिक जीवन प्रभावित हो रहा है, कई शहरों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं।
क्षेत्रीय प्रभाव: युद्ध जैसे हालात
पश्चिम एशिया का पूरा क्षेत्र इन दिनों युद्ध जैसे हालात से गुजर रहा है। लेबनान, सीरिया और इराक जैसे देशों में भी तनाव बढ़ गया है। हिजबुल्लाह और हमास जैसे समूहों ने ईरान का समर्थन किया है, जिससे संघर्ष और फैलने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र ने आपात बैठक बुलाई है और शांति की अपील की है। लेकिन दोनों पक्षों के रुख से लगता है कि संकट जल्द थमने वाला नहीं है।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं और आर्थिक प्रभाव
रूस और चीन ने अमेरिका-इस्राइल हमलों की निंदा की है, जबकि यूरोपीय संघ ने संयम बरतने की अपील की।
भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
आर्थिक रूप से तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर सकती हैं,
जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा। स्टॉक मार्केट में गिरावट देखी जा रही है।
क्या होगा आगे? संकट का अंत कब?
संकट के चौथे दिन हमले तेज होने से लगता है कि यह लंबा खिंचेगा। अमेरिका का कहना है कि
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि ईरान इसे आक्रामकता बता रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका अब निर्णायक हो सकती है।
हम इस लाइव ब्लॉग में सभी अपडेट्स लगातार देते रहेंगे।
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