योगी आदित्यनाथ का पैतृक गांव पंचूर दौरा: भावुक मुलाकातें
उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पैतृक गांव पंचूर में रात्रि विश्राम किया। यह दौरा उनके लिए बेहद खास रहा, क्योंकि यहां उन्होंने न केवल अपने पुरखों की भूमि पर समय बिताया, बल्कि सुबह-सुबह ग्रामीणों, बुजुर्गों और खास तौर पर बच्चों से मिलकर उनका हालचाल पूछा। इस मुलाकात के दौरान सीएम योगी का बच्चों के प्रति जो स्नेह और सहज व्यवहार दिखा, वह सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों तक में खूब चर्चा में रहा।
बच्चों के साथ ‘दादा’ वाली बात, भावुक हो उठे लोग
सुबह होते ही योगी आदित्यनाथ गांव के बच्चों के बीच पहुंच गए। छोटे-छोटे बच्चे उन्हें घेरकर खड़े हो गए। एक बच्चे ने जब उनसे कुछ कहा तो योगी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया- “हम भी तेरे दादा लगते हैं”। यह वाक्य सुनते ही बच्चे खुशी से उछल पड़े और योगी ने उन्हें गले लगा लिया। कई बच्चे उनके पैर छूने लगे तो उन्होंने प्यार से सिर पर हाथ फेरा और सबका हालचाल पूछा। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। लोग कह रहे थे कि इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति भी इतने सहज और प्यार भरे तरीके से बच्चों से बात कर रहे हैं, यह देखकर मन प्रसन्न हो जाता है।
बुजुर्गों से मिलकर पूछा कुशल-मंगल
बच्चों के बाद योगी ने गांव के बुजुर्गों से मुलाकात की। उन्होंने एक-एक करके बुजुर्गों का हालचाल पूछा, उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली और कहा कि गांव का विकास और लोगों की सुविधा के लिए सरकार हमेशा तत्पर है। कई बुजुर्गों ने उनसे कहा कि “आप हमारे गांव के बेटे हो, यहां आकर बहुत अच्छा लगा।” योगी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि यह उनका अपना घर है और वह हमेशा गांव वालों के साथ खड़े रहेंगे।
रात्रि विश्राम और गांव का माहौल
योगी आदित्यनाथ ने पंचूर गांव में एक साधारण घर में रात्रि विश्राम किया। गांव वालों ने बताया कि रात भर वे स्थानीय लोगों से मिलते रहे और सुबह जल्दी उठकर गांव घूमे। इस दौरे में कोई भव्य प्रोटोकॉल या सुरक्षा घेरा नहीं था, बल्कि एक आम आदमी की तरह वे गांव में घूमे। यही सहजता लोगों के दिलों को छू गई।
बालप्रेम और जन-संपर्क की मिसाल
सीएम योगी का यह दौरा सिर्फ एक आधिकारिक यात्रा नहीं था, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व का
एक खूबसूरत पहलू सामने लाया। बच्चों से “हम भी तेरे दादा लगते हैं” कहकर
उन्होंने साबित किया कि बड़े पद पर बैठे लोग भी कितने सहज और प्यार भरे हो सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि योगी जब भी अपने पैतृक गांव आते हैं,
तो ऐसा लगता है जैसे घर का कोई सदस्य लौट आया हो।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
यह दौरा राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योगी आदित्यनाथ का ग्रामीण
भारत से सीधा जुड़ाव और बच्चों-बुजुर्गों के प्रति स्नेह उनकी छवि को और मजबूत करता है।
उत्तराखंड दौरे के दौरान उन्होंने कई विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी की,
लेकिन पंचूर गांव में हुई यह मुलाकात सबसे ज्यादा याद की जा रही है।
सीएम योगी का यह बालप्रेम और जन-संपर्क उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के
लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है। गांव की गलियों में उनकी हंसी और
बच्चों के साथ खेलने का मंजर लंबे समय तक लोगों के दिलों में रहेगा।
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